पंजाब रोडवेज और पी.आर.टी.सी. कर्मचारियों का 21 अक्टूबर से पूर्ण हड़ताल का ऐलान, ठप हो सकती है बस सेवाएं
पंजाब में एक बार फिर आम जनता को यात्रा के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और सरकार की नीतियों के विरोध में आगामी 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन पूर्ण हड़ताल पर जाने का बड़ा ऐलान किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार ने सत्ता में आने से पहले उनसे बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी एक भी वादे को अमली जामा नहीं पहनाया गया है।
यूनियन नेताओं के मुताबिक, सरकार के साथ कर्मचारियों की अब तक 70 से अधिक दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले हैं और नतीजा ढाक के तीन पात रहा है। कर्मचारियों का मुख्य आक्रोश इस बात पर है कि आज तक किसी भी कच्चे या कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया है। इसके अलावा, सरकारी बस बेड़े में नई बसों को शामिल करने की मांग भी लगातार अनसुनी की जा रही है, जिससे मौजूदा सरकारी बेड़े पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
यूनियन के राज्य नेता निरपाल सिंह पप्पू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का रुख पूरी तरह से कर्मचारी विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि किलोमीटर स्कीम और ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देकर सरकार चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही है और धीरे-धीरे सरकारी परिवहन व्यवस्था का निजीकरण करने की साजिश रची जा रही है। यदि समय रहते सरकार ने बातचीत कर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो 21 अक्टूबर से पहिए थमने के बाद राज्यभर में यात्रियों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा।











