वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला: 14 हजार पदों पर होगी भर्तियां, मानदेय और राहत राशि में बढ़ोतरी

हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला: 14 हजार पदों पर होगी भर्तियां, मानदेय और राहत राशि में बढ़ोतरी

​हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्य के विकास और रोजगार सृजन को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। सरकार ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में करीब 14,000 नए पद भरने को मंजूरी प्रदान की है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा जल शक्ति विभाग का है, जहां विभिन्न श्रेणियों के 4,090 पैरा वर्कर्ज, जिनमें पैरा पंप ऑप्रेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पस वर्कर शामिल हैं, की भर्ती की जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए सरकार ने 100 और नए सीबीएसई स्कूल खोलने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसके लिए 3,900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षक पदों को भरा जाएगा। साथ ही, उच्च शिक्षा को बल देने के लिए कॉलेज कॉडर बैकलॉग कोटे के तहत सहायक प्रोफैसर के 320 पद भरने का निर्णय भी लिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्स तथा डॉ. राधाकृष्णन राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान टांडा में 24 चिकित्सा अधिकारियों (विशेषज्ञ/सुपर स्पैशलिस्ट) के पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी-टास्क वर्कर, पशुपालन विभाग में 116 पद तथा बागवानी विभाग में 40 होर्टिकल्चर एक्सटैंशन ऑफिसर के पद भरे जाएंगे।

​रोजगार के साथ-साथ मंत्रिमंडल ने मानदेय वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी बड़े कदम उठाए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपए से बढ़ाकर 11,500 रुपए और सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपए से बढ़ाकर 6,800 रुपए कर दिया गया है। वहीं वन मित्रों का मानदेय भी 10,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। विधवाओं, निराश्रितों और एकल महिलाओं के लिए पात्रता आय सीमा 50,000 रुपए से बढ़ाकर 75,000 रुपए वार्षिक कर दी गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि 3 रुपए से बढ़ाकर 6 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है, साथ ही सरकारी विभागों को दुग्ध उत्पाद केवल मिल्कफैड से खरीदने के निर्देश जारी किए गए हैं। जलाशय के मछुआरों को उचित मूल्य प्रदान करने हेतु ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ के तहत 100 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।

​आपदा प्रभावितों और जनहित से जुड़े अन्य मामलों पर भी सरकार ने अहम घोषणाएं की हैं। कांगड़ा जिले की बोह घाटी के आपदा पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी रहेगा, जिसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख रुपए, घरेलू सामान के नुकसान हेतु 1 लाख रुपए, 5,000 रुपए मासिक किराया सहायता और 6 महीने के लिए मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाएगा। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की सुनवाई हेतु कांगड़ा और मंडी में दो समर्पित अदालतें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का नाम बदलकर ‘तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग’ किया गया है, जबकि शिमला स्थित एचपी गवर्नमैंट डैंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का नाम अब ‘राजीव गांधी गवर्नमैंट डैंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल शिमला’ होगा।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!