हिमाचल में फिर बढ़े सीमेंट के दाम, उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ा बोझ
हिमाचल प्रदेश में सीमेंट कंपनियों ने एक बार फिर दामों में बढ़ोतरी कर आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। इस बार सीमेंट के प्रति बैग दाम में सीधे 15 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके चलते सोलन जिले में अब सीमेंट का एक बैग 410 रुपये में मिल रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज एक महीने के भीतर ही सीमेंट की कीमतों में कुल मिलाकर करीब 25 रुपये प्रति बैग तक का इजाफा हो चुका है। इससे पहले कंपनियों ने 5-5 रुपये करके दाम बढ़ाए थे, लेकिन इस बार सीधे 15 रुपये की एकमुश्त बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले से ही भवन निर्माण सामग्री की आसमान छूती लागत से जूझ रहे आम लोगों के लिए अब अपने सपनों का घर बनाना और भी ज्यादा महंगा तथा चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
हाल ही में जीएसटी (GST) की दरों में हुई कटौती के बाद आम जनता को यह उम्मीद जगी थी कि निर्माण सामग्री के दाम घटेंगे और उन्हें कुछ राहत मिलेगी, लेकिन सीमेंट कंपनियों द्वारा लगातार की जा रही इस मूल्य वृद्धि ने सरकारी राहत की उम्मीदों को पूरी तरह बेअसर कर दिया है। प्रदेश में सीमेंट की दरें सभी क्षेत्रों में एक समान नहीं हैं; ढुलाई एवं परिवहन खर्च तथा भौगोलिक स्थिति के हिसाब से विभिन्न जिलों में कीमतों में अंतर बना रहता है। इस समय हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सीमेंट का एक बैग लगभग 410 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की ऊंची कीमतों में बिक रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि प्रदेश के भीतर ही कई बड़े सीमेंट उद्योग स्थापित होने के बावजूद स्थानीय उपभोक्ताओं को बार-बार इस तरह की दाम बढ़ोतरी का सामना क्यों करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब सीमेंट कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति और इस पर सरकारी नियंत्रण व निगरानी की कमी को लेकर जनता में गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।











