नूरपुर सिविल अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल (MCH) के संचालन में हो रही देरी: दस साल का लंबा इंतज़ार और जनता का संघर्ष
नूरपुर के सिविल अस्पताल में मातृ शिशु अस्पताल (MCH) के निर्माण को करीब एक दशक (दस साल) बीत चुका है, लेकिन यह सवाल आज भी बना हुआ है कि यह अस्पताल पूरी तरह से शुरू कब होगा। माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट लंबे समय से शुरू होने का इंतजार कर रहा है। अस्पताल के पूरी तरह से संचालन में न आने को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है।
इसी मांग को लेकर जन कल्याण सभा के निदेशक अखिल बख्शी ने हाल ही में अनशन और भूख हड़ताल शुरू कर सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा। सात दिनों तक चले इस संघर्ष के बाद प्रशासन के साथ बातचीत हुई और भूख हड़ताल खत्म कर दी गई, लेकिन फिलहाल सामने सिर्फ आश्वासन आया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 10 साल से इंतजार के बाद भी MCH अस्पताल की शुरुआत की कोई पक्की तारीख क्यों नहीं दी जा रही है? स्थानीय जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अस्पताल के दरवाजे खुलने की निश्चित तारीख और जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहती है।
इस संघर्ष के दौरान सात दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन में शामिल रही स्थानीय जनता और माताओं-बहनों ने अस्पताल प्रशासन और सरकार के समक्ष अपनी बात रखी, जिसके बाद प्रशासन द्वारा कुछ मांगों को आंशिक रूप से मान लिया गया है।
रोगी कल्याण समिति में शामिल होने और अन्य प्रशासनिक कमियों जैसे कि फायर डोर्स, बेंच, एपॉक्सी पेंट, बिजली ट्रांसफार्मर, लिफ्ट, और पानी के कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाओं को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर आश्वासन मिले हैं। इसके साथ ही अस्पताल के सुचारू संचालन और रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी मांग उठाई गई है ताकि क्षेत्र की जनता को जल्द से जल्द इस मातृ शिशु अस्पताल का पूरा लाभ मिल सके।











