मणिपुर के कामजोंग में बड़ा सुरक्षा अभियान: म्यांमा सीमा के पास 8 किमी लंबे मार्ग से 27 आईईडी बरामद, सभी निष्क्रिय
मणिपुर के कामजोंग जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। असम राइफल्स और भारतीय सेना के बम निरोधक दस्तों ने म्यांमा सीमा के पास स्थित एक सुदूर पहाड़ी मार्ग से 27 शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किए हैं। आठ किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर झाड़ियों के बीच इन विस्फोटकों को बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था।
मुख्य बिंदु:
सफल सुरक्षा अभियान: भारतीय सेना और असम राइफल्स ने मिलकर चार से सात अक्टूबर के बीच यह विशेष तलाशी अभियान चलाया, जिसमें खोजी कुत्तों (डॉग स्क्वॉड) की भी मदद ली गई।
कहां मिले विस्फोटक: यह मार्ग म्यांमा से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास स्थित पिलोंग गांव (शंगखालोक-पिलोंग मार्ग) के नजदीक है।
बड़ी साजिश नाकाम: सुरक्षा बलों ने समय रहते सभी 27 आईईडी का पता लगाकर उन्हें पूरी तरह सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
हालिया हिंसा से जुड़ा कनेक्शन: गौरतलब है कि इसी क्षेत्र के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने 24 सितंबर को तांगखुल नगा समुदाय के चार नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां अत्यधिक सतर्क थीं।
शांति और सुरक्षा बहाल रखने का प्रयास
असम राइफल्स ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि इस त्वरित और प्रभावी अभियान ने इलाके में शांति और सुरक्षा भंग करने के मंसूबों को पूरी तरह विफल कर दिया है। इस कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो गई है।











