सफाई सेवकों की मांगों को लेकर सरकार पर तीखा हमला, अधिकारों के लिए संघर्ष का ऐलान
अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन की बैठक के दौरान पंजाब सरकार की कार्यशैली पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया है। यूनियन का कहना है कि आप पार्टी की सरकार सफाई सेवकों और उनके नेतृत्व के साथ केवल भद्दा मज़ाक कर रही है। पंजाब के सफाई सेवक, सीवरमैन और ड्राइवर यूनियनों की बरनाला में हुई हड़ताल के बाद सरकार ने यह फैसला लिया था कि जो कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट पर हैं उन्हें तुरंत पक्का किया जाएगा और जो आउटसोर्स पर हैं उन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर किया जाएगा। हालांकि, जमीनी स्तर पर चंडीगढ़ में हुई अधिकारियों के साथ बैठकों में यह स्पष्ट हुआ है कि इस संबंध में अभी तक कोई भी ठोस नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।
सरकार द्वारा सफाई सेवकों के परिवारों को तरस के आधार पर मिलने वाली नौकरी के नियमों में भी कड़े अंकुश लगा दिए गए हैं। नौकरी देने से पहले कर्मचारी की प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस, घर और आय के स्रोतों की भारी-भरकम शर्तें रखी जा रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि सरकार की नीयत इन कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन तानाशाही फैसलों को वापस नहीं लिया और सफाई सेवकों के हितों की अनदेखी जारी रखी, तो पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर हड़ताल की जाएगी। सभी जत्थेबंदियों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है कि अब सरकार को इन जनविरोधी नीतियों का मुंहतोड़ जवाब देना ही होगा।











