पठानकोट में जल्द बनेगा वर्ल्ड क्लास ईको टूरिज्म हब, रणजीत सागर झील में क्रूज के साथ दिखेंगी डॉल्फिन
पर्यटकों के लिए एक बेहद खुशी भरी खबर सामने आई है। पंजाब सरकार पठानकोट में रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध परियोजना के आसपास 400 एकड़ से अधिक जमीन पर वर्ल्ड क्लास ईको टूरिज्म हब विकसित करने की बड़ी तैयारी कर रही है। पंजाब कैबिनेट ने इसके लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरडीए) बिल-2026’ को मंजूरी दे दी है। इस कदम से जहां एक ओर पंजाब के पर्यटन मानचित्र को एक नई पहचान मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के भी ढेरों नए अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के तुरंत बाद पर्यटन विभाग के प्रबंधकीय सचिव की ओर से इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। प्रस्तावित अथॉरिटी को एक डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के तौर पर गठित किया जाएगा जिसे पूरी विधिक मान्यता प्राप्त होगी। केंद्र सरकार से मिलने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर फंड और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत इस क्षेत्र के 7 प्रमुख स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जहां भविष्य में 5-स्टार होटल, लग्जरी रिजॉर्ट, ईको हट्स और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित करेंगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रणजीत सागर बांध की विशाल झील में उत्तर प्रदेश की गंगा नदी से डॉल्फिन लाने का अनूठा प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके साथ ही यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक क्रूज सफारी शुरू करने की भी योजना है, जिससे सैलानियों को प्राकृतिक और शांत वातावरण के बीच एक बिल्कुल नया और अनूठा पर्यटन अनुभव मिल सकेगा।
योजना के तहत क्षेत्र के प्रमुख स्थलों का कायापलट किया जाएगा। जुगियाल कॉलोनी में 100 एकड़ जमीन पर एक आधुनिक ओल्डएज होम यानी वृद्धाश्रम विकसित किया जाएगा। वहीं रावी सदन के 6 एकड़ क्षेत्र में इंटरप्रेटेशन सेंटर और टूरिस्ट हट्स बनाए जाएंगे, जबकि सलाड़ी खड्ड की 14 एकड़ जमीन पर खूबसूरत ईको हट्स और बोटिंग की विशेष सुविधाएं विकसित होंगी। इसके अलावा, थड़ा-उपरला कॉलोनी की 109 एकड़ जमीन पर झील के किनारे करीब 500 कमरों वाला एक भव्य 5-स्टार होटल तैयार करने की योजना है और कुलारा टापू पर 18 एकड़ भूमि में आकर्षक लग्जरी रिजॉर्ट्स बनाए जाएंगे।
इस पूरे प्रोजेक्ट को बेहतरीन कनेक्टिविटी देने के लिए रणजीतगढ़ प्रोजेक्ट को सड़क मार्ग के जरिए सीधे माधोपुर में जालंधर-जम्मू हाईवे से जोड़ा जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए पठानकोट और आसपास के इलाकों से यहां पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। पर्यटन विभाग के डायरेक्टर डॉ. संजीव तिवारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर फंड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके बाद पीपीपी मॉडल के तहत देश के बड़े होटल और रिजॉर्ट समूहों को इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए शामिल किया जाएगा।











