एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर चम्बा लौटीं ‘उड़नपरी’ सीमा कुमारी, गृह जिला पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ में देश और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने वाली चम्बा की अंतरराष्ट्रीय धाविका सीमा कुमारी का रविवार को उनके गृह जिला चम्बा पहुंचने पर जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। विश्वस्तरीय एथलीटों के बीच तिरंगा लहराने वाली पहाड़ की इस बेटी के सम्मान में जगह-जगह जश्न का माहौल देखने को मिला।
रविवार दोपहर जब सीमा कुमारी चम्बा के उदयपुर पहुंचीं, तो एक निजी स्कूल परिसर में उनके लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने और मेडल जीतने के अपने अनुभव लोगों के साथ साझा किए। अपने स्वागत से अभिभूत सीमा ने कहा कि जब वह अन्य राज्यों की बेटियों को पदक जीतकर लौटने और उनके भव्य स्वागत को देखती थीं, तो उन्हें भी ऐसा ही सपना आता था। आज मिले इस प्यार और सम्मान से वह बेहद खुश हैं और यह प्रोत्साहन उन्हें भविष्य की खेल यात्रा में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।
उदयपुर में अभिनंदन स्वीकार करने के बाद रविवार शाम सीमा कुमारी अपने पैतृक गांव रेटा के लिए रवाना हुईं। गांव की सीमा में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर अपनी लाडली बेटी का स्वागत किया। गांव से लेकर घर के आंगन तक पूरी तरह उत्सव जैसा माहौल बना रहा। घर की चौखट पर पहुंचते ही सीमा की मां केसरी देवी और भाई राज कुमार ने गर्व के साथ उनका स्वागत किया, जो परिवार और ग्रामीणों के लिए बेहद भावुक पल था।
सीमा कुमारी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सीमा ने न केवल चम्बा और हिमाचल का गौरव बढ़ाया है, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत से पहाड़ की अन्य बेटियों के लिए भी सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है।











