एस. जयशंकर का बड़ा बयान—कठिन समय में रूस हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा, अमेरिका के रुख पर भी की खुलकर बात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भारत और रूस के ऐतिहासिक संबंधों पर खुलकर बात करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया पाकिस्तान के पीछे खड़ी थी, तब रूस ने भारत का साथ दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के लिए मास्को के साथ रिश्ते केवल वर्तमान परिस्थिति पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि पिछले 70 वर्षों से रूस ने कश्मीर सहित भारत के हर अहम मुद्दे पर मजबूती से समर्थन किया है।
मौजूदा वैश्विक हालात पर चर्चा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि आज दुनिया में दो बड़े बदलाव साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। पहला बदलाव यह है कि दुनिया के प्रति अमेरिका का रवैया बदल रहा है और अपनी नीतियों के कारण वह वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है। वहीं दूसरा बड़ा बदलाव यह है कि चीन तेजी से अपनी ताकत बढ़ा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच मुकाबला और गहरा होता जा रहा है। इसके अलावा, अन्य देश भी अब अपने राष्ट्रीय हितों को साधने के लिए अपनी शक्ति और प्रभाव का खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
इससे पहले न्यूयॉर्क के एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट में भारत-अमेरिका संबंधों पर बात करते हुए जयशंकर ने दो टूक कहा था कि पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाला आतंकवाद भारत की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। यदि अमेरिका इस गंभीर चिंता को पूरी तरह से समझने में विफल रहता है, तो इसका सीधा असर भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा। इसके साथ ही, उन्होंने यूक्रेन युद्ध के मसले पर भारत के पुराने और संतुलित रुख को दोहराते हुए इस बात पर जोर दिया कि इस टकराव को खत्म करने के लिए केवल कूटनीति, बातचीत और आपसी संवाद ही एकमात्र सही रास्ता है।











