पठानकोट सिविल अस्पताल के गायनी सेंटर में मरीजों और गर्भवती महिलाओं की परेशानी दूर, नई कुर्सियां और बेंच स्थापित
पठानकोट सिविल अस्पताल के गायनी सेंटर में आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को अब बैठने के लिए फर्श या जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में त्वरित और कड़े कदम उठाते हुए गायनी सेंटर में बैठने की समुचित और आधुनिक व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है।
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए बैठने हेतु कुर्सियों का पर्याप्त प्रबंध न होने का मामला सामने आया था। स्थिति यह थी कि दूर-दराज से अपनी स्वास्थ्य जांच कराने आने वाली गर्भवती महिलाओं को घंटों जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में अस्पताल व्यवस्था को लेकर खासी असुविधा थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएमओ सुनील चंद ने तुरंत संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के एक्शन मोड में आते हुए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए। उनके निर्देश पर गायनी सेंटर के प्रतीक्षा कक्ष में नई कुर्सियों और आधुनिक बेंचों को स्थापित करवा दिया गया है। इसके साथ ही गायनी वार्ड और सेंटर के भीतर मरीजों की सुविधा से जुड़े अन्य सभी जरूरी इंतजामों को भी दुरुस्त कर दिया गया है ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अस्पताल प्रशासन के इस त्वरित और सकारात्मक कदम से मरीजों और उनके परिजनों ने ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से अब गर्भवती महिलाओं को होने वाली परेशानियों से निजात मिल गई है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ बुनियादी सहूलियतें भी सहज रूप से मिलने लगी हैं।











