प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वत और धांधली पर घमासान: अश्वनी शर्मा ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
फिरोजपुर/चंडीगढ़:प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के हक पर डाका डालने और रिश्वत लेकर मकान आवंटित किए जाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक करार देते हुए राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि गरीबों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मामला फिरोजपुर जिले के ममदोट क्षेत्र का है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे हैं। विवरण के मुताबिक, जरूरतमंद परिवारों की 400 लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिसमें से कागजों में केवल 33 मकान मंजूर हुए। हैरानी की बात यह है कि इनमें से भी सिर्फ दो मकान ही वास्तव में जरूरतमंदों के हिस्से आए, जबकि बाकी के 31 मकान 50 से 200 एकड़ जमीन के मालिक रसूखदार लोगों को आवंटित कर दिए गए। अश्वनी शर्मा ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण के विजन को सीधी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है।
भाजपा नेता ने मांग उठाई है कि इस पूरे घोटाले में जिन-जिन कर्मचारियों और अधिकारियों पर रिश्वत लेने के आरोप हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन लोगों के नाम पर मकान आवंटित किए गए हैं, उनकी आर्थिक स्थिति और पात्रता की नए सिरे से गहन जांच हो। इसके अलावा, जिन 367 गरीब परिवारों के नाम इस सूची से काटे गए हैं, उनका दोबारा सत्यापन करवाकर उन्हें उनका हक दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भारतीय जनता पार्टी पीड़ित गरीबों के साथ मजबूती से खड़ी रहकर उन्हें न्याय दिलाएगी।











