राजौरी आईईडी ब्लास्ट केस: पुलिस ने लश्कर कमांडर तालिब हुसैन समेत चार आतंकियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में साल 2022 में हुए सनसनीखेज जगलानू ब्रिज आई.ई.डी. ब्लास्ट मामले में कांडी थाने की पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस आतंकी साजिश के पीछे सीमा पार बैठे आकाओं और लश्कर-ए-तैयबा के नापाक मंसूबों का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के दुर्दांत आतंकी तालिब हुसैन शाह समेत चार साजिशकर्ताओं के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। अन्य आरोपियों में मोहम्मद सादिक, मोहम्मद शब्बीर (दोनों निवासी दराज, कोटरंका, राजौरी) और एक फरार आरोपी मोहम्मद कासिम (जो पाकिस्तान/पी.ओ.जे.के. से ऑपरेट कर रहा था) शामिल हैं। आरोपियों पर यू.ए.पी.ए., आईपीसी और एक्सप्लोसिव सब्सटैंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया है कि सीमा पार बैठे लश्कर हैंडलर मोहम्मद कासिम के इशारे पर ही इस पूरी वारदात की स्क्रिप्ट तैयार की गई थी। मुख्य आरोपी तालिब हुसैन शाह एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लगातार सीमा पार के संपर्क में था। ये आरोपी लंबेरी जंगल क्षेत्र में ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और कैश की खेप उठाने और उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
19 अप्रैल 2022 को राजौरी के जगलानू ब्रिज के नीचे हुए जोरदार धमाके से पूरा इलाका दहल उठा था। इस विस्फोट की चपेट में आकर दो बेकसूर गैर-स्थानीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के तुरंत बाद कांडी थाने में एफ.आई.आर. नंबर 33/2022 दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की गई थी। पुलिस की पुख्ता जांच ने साबित कर दिया कि यह कोई साधारण वारदात नहीं, बल्कि घाटी को दहलाने के लिए रची गई एक सोची-समझी आतंकी साजिश थी।











