नरक बनी सड़कें, जनता परेशान: पठानकोट के वार्ड 31 और 32 में सालों से जर्जर रास्ते पर चलने को मजबूर लोग, कब जागेगा प्रशासन?
पठानकोट के वार्ड नंबर 31 और 32 की एक छोटी सी गली, जहां लोगों के घर और दुकानें हैं और रोजाना भारी आना-जाना रहता है, वहां सड़क की हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि यह रास्ता लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन गया है। इस जर्जर और टूटी सड़क पर चलना किसी नरक से कम नहीं है, और लोग इसी रास्ते से अपने घरों और दुकानों तक पहुंचने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि पिछले कई सालों से सड़क इसी तरह खराब पड़ी है। इस सड़क को लेकर पहले भी कई बार खबरें दिखाई जा चुकी हैं, मुद्दा सामने आया और लोगों की परेशानियां भी दिखाई गईं, लेकिन सड़क का हाल देखकर ऐसा लगता है कि अभी तक कोई पक्का समाधान नहीं हुआ है।
जब हमने यहां के लोगों से बात की, तो उन्होंने बताया कि रोज उन्हें किन परेशानियों से गुजरना पड़ता है। छोटे-छोटे बच्चे जो स्कूल जाते हैं और बुजुर्ग लोग, सभी को इस रास्ते से निकलने में भारी तकलीफ होती है। नगर निगम (MC) अधिकारियों से शिकायत करने पर सिर्फ यह आश्वासन मिलता है कि “सितंबर तक मरम्मत बन जाएगी”, पर सितंबर तो क्या, साल बीत जाते हैं पर हालात नहीं सुधरते। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं और बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
अब सीधा सा सवाल यह है कि अगर सड़क इतने सालों से खराब है और लोग लगातार परेशान हैं, तो इसकी मरम्मत आखिर कब होगी? हर बार थोड़े-बहुत काम से बात खत्म करने के बजाय इसकी एक बार अच्छे से पक्की मरम्मत क्यों नहीं की जाती? फिलहाल लोगों को उम्मीद है कि इस बार उनकी बात केवल खबर तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इस सड़क पर काम भी नजर आएगा।











