पठानकोट में माइनिंग अधिकारियों से बहसबाजी और हाथापाई, एक पर मामला दर्ज
पठानकोट:पठानकोट में माइनिंग (खनन) अधिकारियों से बहसबाजी और हाथापाई का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में गुरदासपुर के एक व्यक्ति को नामजद किया है। आरोप है कि चेकिंग के दौरान हुए विवाद में सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली गई। घटना के 6 दिन बाद माइनिंग इंस्पेक्टर की शिकायत पर थाना तारागढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
10 सितंबर की घटना: बैरियर तोड़कर भागे टिप्पर
10 सितंबर की दोपहर टिप्परों की चेकिंग को लेकर चालकों और माइनिंग विभाग के अधिकारियों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद टिप्पर चालकों ने बैरियर तोड़कर तेज रफ्तार में टिप्परों को टोल प्लाजा से भगा लिया। वाहन इतनी तेज गति से निकले कि अगर कोई सामने आता तो कुचला जा सकता था। हालांकि, टोल पर मौजूद पुलिस टीम की सूचना के बाद डीएसपी रूरल सुखजिंदर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
2 दिन चला ट्रांसपोर्टरों का खेल
11 सितंबर की रात फिर से उक्त ट्रांसपोर्टर की ओर से माइनिंग अधिकारियों के साथ बहस के बाद हाथापाई की गई और टिप्पर भगा ले जाया गया। माइनिंग इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि 11 सितंबर की रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक लढ़पालवा टोल प्लाजा पर माइनिंग वाहनों की चेकिंग की ड्यूटी लगाई गई थी। टीम ने दो टिप्परों (PB-06-AQ-2754 और PB-06-T-7249) को रोका और उनसे माइनिंग से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे, लेकिन ड्राइवर मौके पर कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
सरकारी ड्यूटी में डाली बाधा
दस्तावेज न मिलने पर जब कार्रवाई की जाने लगी तो कुछ लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने माइनिंग अधिकारियों के साथ बहसबाजी शुरू कर दी और सरकारी ड्यूटी को प्रभावित करने की नियत से हाथापाई की। जांच के दौरान हमला करने और बाधा डालने वाले व्यक्ति की पहचान हरपिंदर सिंह पिंडा के रूप में हुई।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
माइनिंग विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी हरपिंदर सिंह पिंडा व अन्य के खिलाफ धारा 21(1), 4(1)A माइंस एंड मिनरल्स एक्ट 1957 के अलावा, धारा 132, 221 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार टिप्परों और आरोपी की तलाश कर रही है।











