वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

पठानकोट में कचरे का अंबार: स्वच्छता अभियान के दावों की खुली पोल

पठानकोट में कचरे का अंबार: स्वच्छता अभियान के दावों की खुली पोल

​पठानकोट शहर में बढ़ते कचरे और गंदगी की समस्या को लेकर एएमआई न्यूज ने एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है। शहर के विभिन्न हिस्सों, बाजारों और सड़कों के किनारे लगे कूड़े के ढेर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि आने वाले समय में पठानकोट एक ‘डंपिंग एरिया’ बन सकता है।

​स्वच्छता अभियानों के बावजूद हालात जस के तस

युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से ‘स्वच्छ सिटी मिशन’ के तहत खुद आगे आकर सफाई की थी और ट्रेन या अपने हाथों से कूड़ा भी उठाया था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर से वही हो जाती है। स्थानीय नागरिकों और युवाओं का कहना है कि समस्या केवल सफाई न होने की नहीं, बल्कि कूड़े के मूल कारणों और प्रशासनिक कमियों की है।

​प्रमुख बिंदु और समस्याएं:

  • ​नगर निगम की गाड़ी न पहुंचना: कई इलाकों में मुंसिपल कॉर्पोरेशन की गाड़ियां नियमित रूप से कूड़ा उठाने नहीं पहुंचती हैं, जिससे लोगों को मजबूरन निजी कूड़ा उठाने वालों को पैसे देने पड़ते हैं या खुले में कचरा फेंकना पड़ता है।
  • ​निजी कचरा संग्रायकों द्वारा लापरवाही: जो प्राइवेट कचरा संग्रायक (गार्बेज कलेक्टर) हैं, वे कूड़े को सेग्रगेट (अलग-अलग) करने के बजाय उपयोगी सामान निकालकर बचा हुआ कचरा गलियों, खाड्डियों और सड़कों के किनारे फेंक देते हैं।
  • ​डेरीवाल वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बंद: पठानकोट का मुख्य वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (डेरीवाल) पिछले 4-5 वर्षों से बंद पड़ा है, जिस कारण शहर का कचरा रिसाइकिल होने के बजाय सड़कों और खुले मैदानों में फैल रहा है।

​युवाओं और नागरिकों की अपील

पठानकोट के जागरूक युवाओं और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि डेरीवाल स्थित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को तुरंत शुरू किया जाए या शहर में नया प्लांट लगवाया जाए। इसके साथ ही, नगर निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर गली और मोहल्ले से नियमित रूप से कचरा उठाया जाए ताकि पठानकोट को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सके।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!