डमटाल के रामगोपाल मंदिर की जमीन पर भूमाफिया का तांडव: मॉनसून में भी धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे बड़े सवाल
डमटाल:मानसून सीजन में अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद डमटाल स्थित रामगोपाल मंदिर की भूमि पर भूमाफियाओं के हौसले पूरी तरह बुलंद नजर आ रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक मंदिर परिसर की पवित्र जमीन को मशीनों द्वारा खोखला किया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि तमाम दावों के बावजूद प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग इस अवैध खेल पर रोक लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रह
दिन-दहाड़े गरज रही हैं जे.सी.बी. और मशीनें
सामने आई ताजा तस्वीरों और वीडियो फुटेज से प्रशासन के उन दावों की पोल खुल गई है जिनमें खनन पर रोक लगाने की बात कही जाती है। आज दोपहर 12 बजे और उसके बाद ठीक 3 बजे भी मंदिर की जमीन पर ट्रैक्टर, ट्रॉली और जे.सी.बी. मशीनें बेधड़क काम करती हुई नजर आईं। यह अवैध कारोबार दिन और रात लगातार जारी है, जिससे मंदिर की बेशकीमती जमीन लगातार धंसती और उजड़ती जा रही है।
पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मॉनसून के दौरान पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद विभाग की नाक के नीचे इस तरह की भारी-भरकम मशीनें कैसे चल रही हैं? दिन के उजाले में खनिजों से भरी गाड़ियां धड़ल्ले से गुजर रही हैं, इसके बावजूद पुलिस और स्थानीय प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करने से कतरा रहा है। क्या कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है, या फिर इस अवैध कमाई के पीछे सफेदपोश लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों की कोई गहरी मिलीभगत है?
मंदिर की संपत्ति को लगातार पहुँचाया जा रहा नुकसान
धर्म और आस्था के केंद्र रामगोपाल मंदिर की जमीन को निशाना बनाकर इस तरह का अवैध डाका डाला जाना क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई और संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो स्थिति और भी भयावह हो जाएगी।
समाचार पत्र की टीम इस पूरे मामले पर ग्राउंड जीरो से हर एक अपडेट और एक्सक्लूसिव फुटेज लगातार सामने लाती रहेगी। यह देखना अब बेहद महत्वपूर्ण होगा कि इस खबर के प्रकाशन के बाद तंत्र की नींद खुलती है या फिर प्रशासन यूं ही आंखें मूंदे बैठा रहता है।












