बाल्मीकि चौक में पार्किंग नहीं, हादसों का स्विमिंग पूल: बेसमेंट में डूबी गाड़ियां, बेखबर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट
सड़क पर घंटों जाम, बेसमेंट में लबालब पानी… यही है इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का मास्टर प्लान! बनी-बनाई सड़कें फिर से बना दीं, पर डूबती पार्किंग की सुध क्यों नहीं ले रहा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट?
शहर पूछता है कि इस कड़ी में आज हम बात करेंगे पठानकोट के बाल्मीकि चौक स्थित उस विशालकाय शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की, जिसे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने जनता की सहूलियत के लिए बनाया था। लेकिन आज यह देखरेख और साफ-सफाई के अभाव में पूरी तरह नर्क बन चुका है। बाल्मीकि चौक का यह कॉम्प्लेक्स—कहने को तो यहां करीब 300 दुकानें बनाई गई थीं ताकि शहर का व्यापार चमके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इसमें से ज्यादातर दुकानें आज तक बिक ही नहीं पाईं और जिन लोगों ने यहां दुकानें ली थीं, वे प्रशासनिक अनदेखी और गंदगी की वजह से बेहद तंग और परेशान हैं।
जब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के नए चेयरमैन आए, तो सबको इस बात की खुशी थी कि अब हालात बदलेंगे। लेकिन अफसोस, बदलाव के नाम पर केवल वादे ही मिले। शहर में पार्किंग की सहूलियत के लिए दो मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग बनाई गई, लेकिन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की लापरवाही देखिए—सबसे निचले तल पर बरसाती पानी ऐसे लबालब भरा है मानो गाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि स्विमिंग पूल बनाया गया हो। आलम यह है कि इस भरे पानी में एक गाड़ी आज भी फंसी हुई है, जिसे निकालना अब मुमकिन नहीं लग रहा। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, पिछले साल भी इस बेसमेंट में 12 से 14 गाड़ियां लगभग फंसी हुई थीं।
सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि जब यह पार्किंग बनाई जा रही थी, तब जल निकासी के सही प्रबंध क्यों नहीं किया गया? जैसा कि आप आजकल हमारी खबरों में देख रहे हैं कि पूरे शहर में भयानक जाम लग रहा है, उसका एक बड़ा कारण यह है कि शहर में ऐसी और पार्किंरग्स बननी चाहिए जो बनी नहीं और जो बनी भी हैं, वहां आसपास के लोगों ने अपनी गाड़ियां परमानेंट खड़ी कर दी हैं। 80 से 100 गाड़ियां खड़े होने की जगह पर अगर परमानेंट पार्किंग रहेगी तो बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोग गाड़ियां कहां खड़ी करेंगे? जाहिर है, वे सड़कों पर गाड़ियां खड़ी करेंगे और पूरा शहर जाम की अव्यवस्था में फंसेगा।
हाल ही में हमने देखा कि कैसे राजधानी में भी इमारतें ढह गईं, क्योंकि वो इमारतें अनसेफ जो हैं, घोषित कर दी गई थीं। लगातार पानी भरे रहने से इस इमारत की नींव भी कमजोर हो रही है। क्या हमारा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट भी पठानकोट में किसी ऐसे बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? अगर कोई अनजान व्यक्ति गलती से उस पानी से भरे बेसमेंट में अपनी गाड़ी लेकर चला जाए तो उसकी जान-माल की जिम्मेदारी कौन लेगा?
जब नए चेयरमैन आए थे और उन्होंने कमान संभाली थी, तो जनता को उम्मीद थी कि इस जर-जर कॉम्प्लेक्स और बेसमेंट की सुध ली जाएगी। लेकिन अफसोस, जमीन पर कोई सकारात्मक इंपैक्ट देखने को नहीं मिला। चेयरमैन ने वे काम तो करवा दिए जिनकी कोई जरूरत ही नहीं थी, जैसे बनी-बनाई ठीक-ठाक सड़कों को फिर से बना दिया गया। लेकिन जहां वास्तव में काम करवाने की सख्त जरूरत थी, वे काम आज भी अधूरे पड़े हैं। बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों की लागत से बनी इस इमारत को लावारिस क्यों छोड़ दिया गया? क्या इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को सड़क पर लगता जाम, अनसेफ होती इमारत और बेसमेंट में भरा पानी दिखाई नहीं देता?
इन तीखे सवालों का जवाब अब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन और जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षित है। पठानकोट की जनता जानना चाहती है कि अब बेसमेंट से पानी की निकासी कब होगी और कब पार्किंग जनता के काम आएगी? AMI News हमेशा की तरह अधिकारियों का पक्ष सामने रखने के लिए तैयार है। यदि उनके पास इस बदहाली का कोई जवाब हो, तो हम जरूर अपेक्षित करते हैं।
शहर के मुद्दे अभी भी खत्म नहीं हुए हैं। शहर पूछता है कि अगली कड़ी में हम कौन सा मुद्दा उठाएं? यह फैसला हम आप पर छोड़ते हैं। हम चाहते हैं कि आप लोग हमें बताएं कि शहर में और कौन-कौन सी समस्याएं हैं, जिनके बारे में हमें बात करनी चाहिए। आपकी राय, आपके सुझाव और आपका सहयोग हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक और ऊर्जा देने वाला है। शहर की हर उस अव्यवस्था पर सवाल उठेंगे जो आपको प्रभावित करती हैं, तो आपकी समस्याएं हमसे साझा करते रहिए, हमारे साथ जुड़े रहिए और हमारे चैनल को फॉलो, सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा। अपनी राय भी आज के मुद्दे पर जरूर साझा कीजिएगा। अगली अपडेट्स के लिए देखते रहें AMI News, धन्यवाद!












