रूस-यूक्रेन जंग पर भारत की पहल: विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान
रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 4 सालों से जारी भयानक जंग को रोकने के लिए भारत ने अपनी कूटनीतिक कोशिशें और तेज़ कर दी हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव के बाद पोलैंड की राजधानी वॉरसॉ पहुंचे भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि भारत दोनों देशों के लगातार संपर्क में है, ताकि इस युद्ध को खत्म करने के लिए ठोस सुझावों पर काम किया जा सके।
वॉरसॉ में पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि इस लंबी जंग का कोई विजेता नहीं हो सकता।
”भारत का यह दृढ़ विश्वास है कि इस अंतहीन युद्ध को अब समाप्त होना चाहिए। ऐसी लड़ाइयों में किसी की जीत नहीं होती, बल्कि हर अतिरिक्त दिन दुनिया के लिए और अधिक मौतें, तबाही और भारी नुकसान लेकर आता है।”
वॉरसॉ पहुंचने से एक दिन पहले, जयशंकर ने कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और विदेश मंत्री एंड्री सिबीहा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने दोहराया था कि भारत इस युद्ध को समाप्त करने के लिए ‘हर संभव मदद’ करने को पूरी तरह तैयार है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इस दिशा में भारत के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।
दौरे के दौरान जब मीडिया ने भारत द्वारा रूस से तेल खरीदे जाने को लेकर सवाल किया, तो विदेश मंत्री जयशंकर ने दो टूक जवाब देते हुए कहा:
”यह युद्ध किसी देश द्वारा तेल या अन्य वस्तुएं खरीदने या न खरीदने से बंद नहीं होगा। यह युद्ध तभी समाप्त होगा जब कूटनीति होगी, जब संवाद होगा और जब बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाएगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान शांति और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया था। भारत शुरू से ही युद्ध के शांतिपूर्ण और कूटनीतिक हल की वकालत करता रहा है। ऐसे में विदेश मंत्री का यह बयान रूस-यूक्रेन जंग को रोकने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।











