पंजाब में नार्को-टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश: मलेशिया से डिपोर्ट संदिग्धों से ISI और गैंगस्टरों की साठगांठ का बड़ा खुलासा
- मलेशिया से डिपोर्ट किए गए तीन कुख्यात संदिग्धों—अजय मलेशिया, जस बेहबल और पवनदीप सिंह से पुलिस की पूछताछ जारी।
- पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) स्थानीय गैंगस्टरों के जरिए पंजाब में फैला रही है आतंक का जाल।
- लुधियाना के पास ग्रेनेड हमले की नाकाम साजिश और जेलों से चल रहे सिंडिकेट का हुआ है पर्दाफाश।
मलेशिया से हाल ही में डिपोर्ट कर भारत लाए गए तीन संदिग्धों से पुलिस व खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में सीमा पार से संचालित नार्को-टेरर नेटवर्क को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में आतंकी वारदातों और विस्फोटों को अंजाम देने के लिए स्थानीय गैंगस्टरों और जेलों में बंद शातिर कैदियों का इस्तेमाल कर रही है। पकड़े गए संदिग्ध लुधियाना में चीनी निर्मित ग्रेनेड से किए जाने वाले नाकाम हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं।
मलेशिया में बैठे ‘अली’ के जरिए चल रहा था ISI का खेल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिपोर्ट किए गए आरोपियों—अजय मलेशिया, जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल और पवनदीप सिंह से हुई गहन पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की परतें खुली हैं। पाकिस्तान में बैठा एक आतंकी ऑपरेटर इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था, जो मलेशिया में रह रहे ‘अली’ नाम के व्यक्ति के जरिए दिशा-निर्देश दे रहा था। मलेशिया में रहने के दौरान जस बेहबल की मुलाकात अली से हुई, जो सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था।
जेलों से जुड़े तार, 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस पूरी आतंकी साजिश के तार पंजाब और राजस्थान की जेलों से जुड़े पाए गए हैं। इस मामले में पुलिस 10 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें श्री मुक्तसर साहिब, श्री गंगानगर और फरीदकोट की जेलों में बंद 6 कैदी भी शामिल हैं। राजस्थान के गंगानगर निवासी अजय और फरीदकोट निवासी जस बेहबल ने जेल में बंद अपने संपर्कों के जरिए ग्राउंड लेवल पर नए लड़कों को इस खतरनाक साजिश में शामिल किया था।
ड्रग सिंडिकेट और ड्रोन डिलीवरी पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान की आईएसआई पंजाब में शांति भंग करने के लिए ‘नार्को-टेरर’ मॉडल के तहत ड्रग सिंडिकेट और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क का गठजोड़ बना रही है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में गिराए जाते हैं, जिन्हें जेलों में बैठे गैंगस्टर अपने गुर्गों के माध्यम से विभिन्न शहरों तक पहुंचाते हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल्स और मददगारों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
नोट: सुरक्षा एजेंसियों ने राज्य में हाई अलर्ट जारी करते हुए सीमावर्ती जिलों में गश्त और तलाशी अभियान को और अधिक तेज कर दिया है।











