जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: पुलवामा, शोपियां और सोपोर में 8 संदिग्ध आतंकी मददगार गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस, सेना और सीआरपीएफ (CRPF) के संयुक्त अभियानों के तहत पुलवामा, शोपियां और सोपोर जिलों से आतंकवादियों के 8 संदिग्ध मददगारों को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही घाटी में शांति भंग करने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- संयुक्त कार्रवाई: जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशंस के तहत यह सफलता मिली है।
- गिरफ्तारियां: पुलवामा, शोपियां और सोपोर से कुल 8 संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर (OGWs) / मददगार दबोचे गए हैं।
- बरामदगी: आरोपियों के पास से एके-सीरीज राइफल, पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, जिंदा कारतूस और देश-विरोधी पोस्टर बरामद किए गए हैं।
ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी (Details of Operations):
- पुलवामा (यारवान जंगल): राजपोरा के यारवान जंगल क्षेत्र में घेराबंदी और तलाश अभियान के दौरान लतीफ अहमद दीदाद और एजाज अहमद बजैड को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक पिस्तौल, 12 कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ।
- शोपियां जिला (दो अलग-अलग कार्रवाई):
- पहली कार्रवाई में नाकाबंदी के दौरान कुलगाम निवासी जुनैद मुजफ्फर, आमिर युसूफ और जुनेद बशीर को पकड़ा गया।
- दूसरी कार्रवाई इमामसाहिब क्षेत्र में की गई, जहां अनंतनाग निवासी हारिस मंजूर, आशिक हुसैन और आरिफ अहमद को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 1 हैंड ग्रेनेड, 2 एके-47 मैगजीन, 20 राउंड कारतूस और देश-विरोधी पोस्टर मिले।
- सोपोर (मंझसीर इलाका): सोपोर के मंझसीर इलाके में चलाए गए संयुक्त तलाश अभियान के दौरान एक एके-सीरीज राइफल, 3 मैगजीन, 4 हैंड ग्रेनेड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन संदिग्धों की गिरफ्तारी से आतंकवादियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और घाटी में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है।











