ओवरलोड टिपरों ने तोड़ी सड़कें, धीरा-घरोटा मार्ग और नहर के पुल पर मंडराया बड़े हादसे का खतरा
पठानकोट :पठानकोट के अधीन आते धीरा से ताज़पुर (घरोटा) मार्ग पर स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। इलाके में धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड टिपरों और क्रशर के भारी वाहनों के कारण न केवल मुख्य सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, बल्कि नहर पर बने पुल की सुरक्षा रेलिंग भी टूट चुकी है। इसके चलते यहां हर समय किसी बड़े हादसे और जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है।
खड्डों में तब्दील हुई सड़कें, रेलिंग गायब
स्थानीय स्थिति का जायजा लेने पर सामने आया कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी भरा हुआ है। सबसे चिंताजनक स्थिति नहर के पुल की है, जहाँ सुरक्षा रेलिंग और बैरिकेड्स पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। नीचे उफान पर बहती नहर और सड़क के गड्ढों के बीच से गुजरना दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों के लिए खतरे से खाली नहीं है।
रातों-रात किसी अनहोनी का डर: स्थानीय निवासी
स्थानीय निवासी जितेंद्र सिंह चीमा और गुरचरण सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि यह समस्या पिछले 10-12 वर्षों से बनी हुई है। उन्होंने कहा:
- हादसे का डर: रात के समय जब सामने से आने वाले वाहनों की लाइटें आँखों पर पड़ती हैं, तो गड्ढों और टूटी रेलिंग का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। कोई भी व्यक्ति थोड़ा सा संतुलन खोने पर सीधे उफनती नहर में गिर सकता है।
- सड़कों का विनाश: क्रशर सामग्री से लदे ओवरलोड भारी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन के कारण ही सड़कें और पुल समय से पहले टूट रहे हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर आक्रोश
एक अन्य स्थानीय निवासी हरप्रीत हैप्पी ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता और जनप्रतिनिधि इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन समस्या देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। निवासियों ने माँग की कि:
- किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार किए बिना प्रशासन तुरंत इस मार्ग और पुल की मरम्मत कराए।
- क्षेत्र में अवैध रूप से दौड़ रहे ओवरलोड टिपरों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस जर्जर सड़क और पुल की रेलिंग को ठीक नहीं कराया, तो वे कड़ा रुख अपनाने को मजबूर होंगे।












