पठानकोट बस स्टैंड के बाहर बीच सड़क पर खड़े हो रहे ऑटो, हादसों का बना खतरा
पठानकोट: पठानकोट-गुरदासपुर मार्ग पर स्थित बस स्टैंड के ठीक बाहर अवैध ऑटो-रिक्शा चालकों का जमावड़ा आम लोगों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बीच सड़क पर बेखौफ होकर खड़े किए जा रहे ऑटो-रिक्शा के कारण हर समय बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।
मुख्य समस्याएं और शिकायतें:
- सड़क का संकरा होना: अधिक संख्या में ऑटो सड़क के बीचों-बीच खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है।
- अनाधिकृत (Unauthorised) ऑटो: स्थानीय अधिकृत चालकों की संख्या केवल तीन से चार है। बाहर से आने वाले दर्जनों अनाधिकृत ऑटो चालक लाइन नियम का उल्लंघन कर आगे खड़े हो जाते हैं।
- सवारियों के लिए बीच सड़क पर पड़ाव: जैसे ही बसें रुकती हैं या सवारियां दिखती हैं, ऑटो चालक तुरंत बीच सड़क में वाहन खड़ा कर देते हैं।
- पीछे से आते तेज रफ्तार वाहन: मुख्य मार्ग होने के कारण पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के टकराने का खतरा हर समय बना रहता है। पूर्व में भी इस कारण कई हादसे और कहासुनी हो चुकी है।
- पीली रेखा (Yellow Line) का उल्लंघन: ऑटो चालक सड़क पर बनी पीली लाइन के बाहर गाड़ियां पार्क करते हैं।
पुलिस चालान भी बेअसर, स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस द्वारा समय-समय पर चालान काटने व मुस्तैदी दिखाने के बावजूद इन चालकों में नियमों का कोई खौफ नज़र नहीं आ रहा है। पुलिस की कार्रवाई के कुछ देर बाद स्थिति पुनः जस की तस हो जाती है।
समस्या किसी के रोजगार को बंद करने की नहीं है, बल्कि सुरक्षा और व्यवस्था की है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की गई है कि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।












