मिंजर मेले में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 46 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच को कंडाघाट भेजे
तीन सैंपलों की रिपोर्ट आई अनसेफ व सब-स्टैंडर्ड; मिलावटखोरों में मचा हड़कंप, विभाग का अभियान जारी
जितेंद्र मेहरा, चंबा: अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले की रौनक के बीच खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मेले में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपना शिकंजा कस दिया है। मेले में उमड़ रही भीड़ और खाद्य पदार्थों की बढ़ती खपत को देखते हुए विभाग की टीम ने सघन जांच अभियान चलाते हुए कुल 46 खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए सीटीएल कंडाघाट प्रयोगशाला भेज दिए हैं। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से मिलावटी और घटिया खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप का माहौल है।
इन खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपल
जांच अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विंग चंबा ने मेले में लगी विभिन्न दुकानों, स्टॉलों और रेहड़ियों पर दबिश दी। इस दौरान दैनिक उपयोग और खान-पान से जुड़ी सामग्री जैसे:
- चावल, बिरयानी और चिकन
- मोमोज, जलेबी और बर्फी
- पकौड़े, चटनी, बिस्कुट और रस्क
इन सभी सामग्रियों के सैंपल सील कर कंडाघाट लैब भेजे गए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम’ के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हाल ही में फेल हुए तीन सैंपल: बादाम शेक निकला असुरक्षित
विभाग द्वारा हाल ही में कराई गई पूर्व जांचों में तीन खाद्य पदार्थों के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं:
- बर्फी (सब-स्टैंडर्ड): इसमें निर्धारित मानक से कम फैट पाया गया।
- बादाम शेक (असुरक्षित/Unsafe): एक रेहड़ी से लिए गए बादाम शेक के सैंपल में स्वीकृत सीमा से अधिक हानिकारक कृत्रिम रंगों (Artificial Colors) का प्रयोग पाया गया।
अधिकारियों का क्या है कहना?
“मिंजर मेले के दौरान यह सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। आम जनता से अपील है कि वे अत्यधिक रंगयुक्त या संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। यदि किसी को भी खाने-पीने की सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वे सीधे विभाग के कार्यालय में संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।” > — दीपक आनंद, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विंग (चंबा)
श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य प्रशासन की प्राथमिकता
अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले में रोजाना हिमाचल प्रदेश सहित देशभर से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है। कंडाघाट लैब भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में मिलावटखोरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।













