पठानकोट के सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों में 7 अगस्त को होगी ‘मदर वर्कशॉप’
प्री-प्राइमरी शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा विभाग की विशेष पहल
पठानकोट, 6 अगस्त:स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्री-प्राइमरी शिक्षा को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 7 अगस्त (शुक्रवार) को पठानकोट जिले के सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों में ‘मदर वर्कशॉप’ का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री/सेकेंडरी) श्रीमती कमलदीप कौर ने सेंटर हेड टीचरों (CHTs) के साथ एक विशेष समीक्षा बैठक की।
”मदर वर्कशॉप से बच्चों के सर्वांगीण विकास को मिलेगी नई दिशा” — कमलदीप कौर
बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती कमलदीप कौर ने बताया:
“इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य माताओं को प्री-प्राइमरी शिक्षा के महत्व से अवगत कराना और बच्चों के सर्वांगीण विकास में उनकी भूमिका को अधिक प्रभावशाली बनाना है।”
उन्होंने आगे कहा कि वर्कशॉप के दौरान माताओं को प्री-प्राइमरी मटीरियल किट और इसके इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। शिक्षक अभिभावकों को समझाएंगे कि घर के माहौल में ही साधारण और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की भाषा, गिनती, सोचने की क्षमता और रचनात्मकता का विकास कैसे किया जा सकता है।
वर्कशॉप की मुख्य विशेषताएं और गतिविधियां
- शिक्षण सामग्री का परिचय: वर्कशॉप में मदर मैनुअल, लर्निंग लेडर, ब्रेन बूस्टर, ‘लेट्स प्ले विद नंबर्स एंड शेप्स’ जैसी आधुनिक पठन सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।
- रोचक गतिविधियां: माताओं को कहानियां सुनाने, चित्रों के माध्यम से बातचीत करने, आकारों की पहचान, अक्षरों का ज्ञान, वर्कशीट का उपयोग, पहेलियां और याददाश्त बढ़ाने वाले खेलों की जानकारी दी जाएगी।
- प्रगति रिपोर्ट (Report Card): बच्चों की सीखने की प्रगति और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर रिपोर्ट कार्ड के जरिए चर्चा की जाएगी, जिससे घर और स्कूल के बीच का तालमेल मजबूत हो सके।
”स्कूल और परिवार की साझी भूमिका ही उज्ज्वल भविष्य की नींव” — डी.जी. सिंह
उप जिला शिक्षा अधिकारी (एलिमेंट्री) श्री डी.जी. सिंह ने माताओं से इस कार्यशाला में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
“विभागीय सोच है कि जब स्कूल और परिवार मिलकर काम करते हैं, तो बच्चों का सर्वांगीण विकास अधिक प्रभावी ढंग से होता है। यह पहल नन्हें-मुन्नों के लिए सीखने की प्रक्रिया को सुखद और अर्थपूर्ण बनाएगी।” — श्री डी.जी. सिंह
व्यवस्था और दिशा-निर्देश
श्री डी.जी. सिंह ने सभी स्कूल प्रमुखों को कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए:
- माताओं की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करना।
- स्कूलों में साफ-सफाई, बैठने की समुचित व्यवस्था और पीने के साफ पानी का प्रबंध।
- बच्चों की उपस्थिति, स्वच्छता और घर पर पढ़ाई में सहयोग पर चर्चा करना।
- गतिविधियों की तस्वीरें और संक्षिप्त रिपोर्ट समय पर विभाग को भेजना।
बैठक में ये रहे मौजूद: इस अवसर पर बीपीईओ राकेश कुमार, डीआरसी वनीत महाजन, स्मार्ट स्कूल कोऑर्डिनेटर संजीव मनी, बलकार अत्री सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।











