मानवता शर्मसार: भीख मांगकर लोगों की मदद करने वाले राजू जी का फोन चोरी
पठानकोट के दिव्यांग ‘मसीहा’ की व्यथा: प्रशासन से फोन ढूंढने और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग
पठानकोट :पठानकोट शहर में मानवता और सामाजिक सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश करने वाले राजू जी के साथ एक बेहद शर्मनाक और दुखद घटना सामने आई है। दिन-रात दूसरों की मदद में जुटे रहने वाले और खुद दिव्यांग होकर भी समाज सेवा करने वाले राजू जी का बीती रात एक फोन स्नेचर (लुटेरे) ने जबरन छीन लिया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, राजू जी—जो अपनी दिव्यांगता के बावजूद भीख मांगकर ₹2-₹5 जोड़ते हैं और गरीबों, लाचारों, गरीब बेटियों की शादी तथा शहर की सड़कों की मरम्मत का काम करवाते हैं—उनके साथ यह वारदात घटी।
- घटना का समय: बीती रात लगभग 9:30 बजे।
- वारदात का तरीका: राजू जी ने बताया कि एक युवक (जो संभवतः सनी नाम से जाना जाता है) अपनी काली रंग की स्कूटी पर एक लड़की के साथ आया। उसने राजू जी से दो मिनट के लिए मोबाइल मांगा। राजू जी के मना करने पर उसने जबरदस्ती उनके हाथ से फोन छीना और स्कूटी पर बैठकर फरार हो गया।
- खोया हुआ डेटा: राजू जी के अनुसार, उस फोन में उनके कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कागजात और काम के आंकड़े (डाटा) मौजूद थे। उन्होंने प्रशासन से केवल अपने फोन की बहाली की गुहार लगाई है।
समाज सेवा की मिसाल हैं राजू जी
राजू जी शहर के उन चुनिंदा लोगों में से हैं, जो खुद भूखे रहकर दूसरों की मदद करते हैं। हाल ही में उन्होंने माखन दा ढाबा (छोटी लाइन) के पास की टूटी सड़क की मरम्मत का काम अपनी भीख के पैसों से शुरू करवाया था और इसके बाद गांधी चौक की सड़क को ठीक करवाने की योजना बनाई थी। ऐसे व्यक्ति का फोन चोरी होना शहर के लिए बेहद शर्मनाक है।
“जो इंसान दिन-रात दूसरों की निस्वार्थ मदद करता है, उसके साथ ऐसी घटना होना हमारे समाज और इंसानियत के मूकदर्शक बने रहने पर एक बड़ा धब्बा है।” —
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद शहरवासियों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। पुलिस प्रशासन से पुरजोर अपील की गई है कि:
- राजू जी का फोन जल्द से जल्द खोजकर उन्हें लौटाया जाए।
- इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।











