पठानकोट सेवा केंद्र विवाद: हड़ताल पर गए 8 कर्मचारियों को कंपनी ने निकाला, पूर्व विधायक ने दिया न्याय का आश्वासन

- सेवा केंद्र के 8 कर्मचारियों को बिना पूर्व नोटिस सिर्फ एक दिन पहले ईमेल भेजकर नौकरी से बर्खास्त किया गया।
- ₹500 दैनिक दिहाड़ी मिलने के बावजूद पूरा मेहनताना न देने और बार-बार कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने का आरोप।
- पूर्व कांग्रेस विधायक जोगिंदर पाल ने मामले को पार्टी हाईकमान और पंजाब कांग्रेस प्रधान के समक्ष उठाने का भरोसा दिया।
- सेवा केंद्र के डीएम राकेश कुमार ने कर्मचारियों का मांग पत्र कंपनी को भेजा; उच्च अधिकारियों से वार्ता जारी।
पठानकोट: स्थानीय सेवा केंद्र (Sewa Kendra) में अपनी मांगों को लेकर काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे 8 कर्मचारियों को ठेकेदार कंपनी द्वारा नौकरी से बर्खास्त करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से जैसे ही कर्मचारियों को टर्मिनेशन (सेवा समाप्ति) के ई-मेल प्राप्त हुए, उनमें भारी रोष फैल गया। इसके बाद गुस्साए कर्मचारियों ने कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ सख्त नाराजगी जताते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल से मुलाकात की और उन्हें एक मांग पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
कर्मचारियों का आरोप: शोषण और बिना नोटिस के निकाला
सेवा केंद्र में ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत कर्मचारी आशुतोष ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि कर्मचारियों के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) को हर छह महीने बाद रिन्यू किया जाता है, जबकि मुख्य कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट पूरे पांच वर्षों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
”कर्मचारियों को प्रतिदिन करीब ₹500 मजदूरी मिलती है, लेकिन उन्हें उनका पूरा मेहनताना भी नहीं दिया जाता। जिन 8 कर्मचारियों को टर्मिनेशन मेल भेजी गई है, उनमें से अधिकतर यूनियन के सदस्य हैं।”

कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस या पर्याप्त समय दिए, महज एक दिन पहले ईमेल भेजकर अगले दिन से काम पर न आने के लिए कह दिया गया। इसके अलावा, उपस्थिति दर्ज करने वाली मोबाइल ऐप भी काम नहीं कर रही है। जब कर्मचारियों ने इस संबंध में डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उनका फोन नहीं उठाया गया।
मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुँचाया जाएगा: पूर्व विधायक
कर्मचारियों की सुध लेने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने कहा कि सेवा केंद्र के कर्मचारी पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनके आवश्यक अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह जायज ठहराया।
जोगिंदर पाल ने आश्वासन दिया कि वे इस गंभीर मुद्दे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाएंगे। साथ ही उन्होंने वादा किया कि भविष्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर कर्मचारियों की इन समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।

कंपनी अधिकारियों से करेंगे बात: डीएम
दूसरी ओर, जब इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में सेवा केंद्र के डीएम (पठानकोट) राकेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने उन्हें अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा था, जिसे उसी दिन कंपनी के उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से लगातार बातचीत की जा रही है और जो भी निर्णय लिया जाएगा, उससे कर्मचारियों को जल्द ही अवगत करा दिया जाएगा।








