अमृतसर में दिल दहलाने वाली वारदात: स्कूल फीस के दबाव में 12वीं की छात्रा ने की खुदकुशी, मरने से पहले वीडियो बना मांगा इंसाफ
- आरोप: ₹20,000 की फीस के लिए स्कूल मैनेजमेंट पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप, व्हाट्सएप ग्रुप से भी निकाला गया था बाहर।
- अंतिम शब्द: “मेरी मौत के लिए स्कूल प्रशासन जिम्मेदार…” अस्पताल में दम तोड़ने से पहले छात्रा ने बयां किया अपना दर्द।

अमृतसर के 88 फीट रोड इलाके में एक बेहद दिल दहला देने वाला और शिक्षा प्रणाली को झकझोर कर रख देने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाली 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा अमजोत कौर ने स्कूल फीस के कथित दबाव और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर जहरीली चीज निगल ली। अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ने से पहले छात्रा ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। 22 मई को जहर खाने के बाद छात्रा जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी, जिसने शनिवार (30 मई) की शाम को अस्पताल में दम तोड़ दिया। आज (31 मई) शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
कमरे में ले जाकर प्रताड़ित करने का आरोप
मृतक अमजोत कौर ने मौत के आगोश में सोने से पहले बनाए गए अपने आखिरी वीडियो में स्कूल प्रशासन की बेरहमी की दास्तान बयां की है। अमजोत ने कहा कि स्कूल फीस को लेकर उसे लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। गत 11 मई को उसे स्कूल बुलाया गया, जहां प्रिंसिपल उसे जबरन एक अलग कमरे में ले गईं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। हद तो तब हो गई जब छात्रा को उसकी क्लास के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वीडियो में अमजोत ने रोते हुए साफ शब्दों में कहा कि उसकी इस हालत के लिए पूरी तरह से स्कूल मैनेजमेंट जिम्मेदार है।

किश्तों में फीस देने की गुहार भी ठुकराई
पीड़ित परिवार के मुताबिक, अमजोत पर स्कूल फीस के करीब 20 हजार रुपये बकाया थे। मृतक की चाची सरबजीत कौर ने फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित डी.डी.आई.एस. (DDIS) स्कूल की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर आकांक्षा शर्मा पर सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों शिक्षिकाएं फीस के लिए बच्ची पर लगातार मानसिक दबाव बना रही थीं। परिजनों ने स्कूल मैनेजमेंट के सामने हाथ जोड़कर फीस को किश्तों (Installments) में जमा करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन मैनेजमेंट ने उनकी एक न सुनी और छात्रा को प्रताड़ित करना जारी रखा। इसी बात से आहत होकर अमजोत ने 22 मई को स्कूल से लौटने के बाद आत्मघाती कदम उठा लिया।
“हॉस्पिटल से छात्रा की मौत की सूचना मिली है। पुलिस पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर रही है। परिजनों के बयानों और छात्रा के आखिरी वीडियो के आधार पर कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— हरजिंदर सिंह, ए.एस.आई., पुलिस चौकी विजय नगर

प्रिंसिपल का फोन बंद, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद से ही आरोपी स्कूल प्रिंसिपल शबनम शर्मा का मोबाइल फोन बंद आ रहा है और उनसे संपर्क करने के सभी प्रयास विफल रहे हैं। दूसरी ओर, विजय नगर पुलिस चौकी के ए.एस.आई. हरजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस छात्रा के आखिरी वीडियो और परिजनों के बयानों को आधार बनाकर मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों और अभिभावकों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है।








