13 अप्रैल 2026 आज का खास दिन

इतिहास के पन्नों में दर्ज लहू और भक्ति का संगम, जानें 13 अप्रैल का महत्व
नई दिल्ली/देश: आज 13 अप्रैल 2026 है। भारतीय इतिहास, अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य और धार्मिक दृष्टि से आज की तिथि अपना एक विशेष महत्व रखती है। आज का दिन जहाँ हमें आजादी की वेदी पर दी गई उन महान शहादतों की याद दिलाता है जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी, वहीं आध्यात्मिक रूप से भी यह दिन ‘वरुथिनी एकादशी’ जैसे पावन व्रत के कारण अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व: जलियांवाला बाग की 107वीं बरसी
आज पूरा देश जलियांवाला बाग हत्याकांड की 107वीं बरसी पर उन वीर शहीदों को नमन कर रहा है, जिन्होंने 1919 में अमृतसर के उस ऐतिहासिक मैदान में अपनी जान न्योछावर कर दी थी। 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर के आदेश पर निहत्थे भारतीयों पर चलाई गई गोलियों ने पूरे देश में क्रांति की एक नई लहर पैदा कर दी थी। अंतरराष्ट्रीय पटल पर भी यह दिन औपनिवेशिक अत्याचारों के विरुद्ध मानवाधिकारों और स्वतंत्रता के संघर्ष के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
इसके साथ ही, आज से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के लिए 100 दिवसीय काउंटडाउन का भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव शुरू हो रहा है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों पर आज देश-दुनिया में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष सत्रों का आयोजन किया जा रहा है।
धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि: वरुथिनी एकादशी का पुण्य
धार्मिक रूप से आज का दिन वरुथिनी एकादशी के कारण विशेष है। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के ‘वराह’ अवतार की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। कई क्षेत्रों में आज बैसाखी की पूर्व संध्या पर उत्सव का माहौल है, हालांकि मुख्य पर्व (सौर नववर्ष) कल 14 अप्रैल को मनाया जाएगा।

आज का पंचांग: 13 अप्रैल 2026 (नई दिल्ली समयानुसार)
आज सोमवार का दिन है और वैशाख मास की शुरुआत हो चुकी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज के पंचांग की गणना इस प्रकार है:
- तिथि: एकादशी (रात्रि 01:05 तक, इसके बाद द्वादशी)।
- नक्षत्र: धनिष्ठा (दोपहर 03:50 तक), उसके बाद शतभिषा नक्षत्र।
- योग: शुभ योग (शाम 05:03 तक), उसके बाद शुक्ल योग।
- करण: बव (दोपहर 01:14 तक), बालव (रात्रि 01:05 तक)।
- पक्ष: कृष्ण पक्ष।
- वार: सोमवार (चंद्रमा आज कुंभ राशि में संचरण करेंगे)।

शुभ और अशुभ समय:
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 से दोपहर 12:47 तक (किसी भी नए कार्य के लिए श्रेष्ठ समय)।
- राहुकाल: सुबह 07:36 से 09:11 तक (इस समय में शुभ कार्य वर्जित हैं)।
- सूर्योदय/सूर्यास्त: सूर्योदय सुबह 06:01 बजे और सूर्यास्त शाम 06:41 बजे होगा।

आज का दिन हमें संयम और संकल्प की सीख देता है। जहाँ एक ओर एकादशी का व्रत आत्मिक शांति का मार्ग प्रशस्त करता है, वहीं शहीदों का बलिदान हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है।








