हिमाचल एंट्री टैक्स के खिलाफ पंजाब में आर-पार की जंग: 1 मई से 55 टोल फ्री करने का बड़ा ऐलान

चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए ‘एंट्री टैक्स’ के विरोध में पंजाब के संगठनों ने अब निर्णायक लड़ाई का मन बना लिया है। राज्य में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहा है। आंदोलनकारियों ने हिमाचल सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चार बड़े ऐलानों के साथ आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी है।
सरकार की ‘वादाखिलाफी’ से भड़का गुस्सा
गौरतलब है कि 1 अप्रैल को गढ़ा मोढ़ा टोल पर हिमाचल अधिकारियों के साथ हुई बैठक में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन संगठनों का कहना है कि वह वादा झूठा निकला। इसी के विरोध में श्री आनंदपुर साहिब के कॉलेज टी-पॉइंट पर प्रदर्शनकारियों ने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग पर भी फूटा, उन पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया।

आंदोलनकारियों के 4 बड़े ऐलान:
आंदोलन के नेताओं—गौरव राणा, वीर सिंह बरवा और अन्य ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निम्नलिखित घोषणाएं कीं:
- सरकार के साथ बैठक: 13 अप्रैल को चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट में पंजाब सरकार के साथ मीटिंग होगी, जिसमें ‘रेसिप्रोकल टैक्स’ के मुद्दे पर ठोस चर्चा की जाएगी।
- NHAI को अल्टीमेटम: NHAI को 30 अप्रैल तक सड़कों से सभी 55 एंट्री टोल प्लाजा हटाने या खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
- 1 मई से टोल फ्री: यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 1 मई से पंजाब-हिमाचल-हरियाणा बॉर्डर के सभी 55 टोल प्लाजा को यात्रियों के लिए पूरी तरह फ्री कर दिया जाएगा। यदि प्रशासन ने रोकने की कोशिश की, तो हिमाचल के एंट्री पॉइंट्स पर अनिश्चितकालीन नाकाबंदी होगी।
- जनसभाओं का आयोजन: 15 से 30 अप्रैल तक रूपनगर, नूरपुरबेदी, नांगल, श्री आनंदपुर साहिब, कीरतपुर साहिब और घनोली में 10 बड़ी सार्वजनिक सभाएं की जाएंगी। इसके बाद होशियारपुर, पठानकोट और मोहाली में भी मोर्चा खोला जाएगा।

प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
बैठक और प्रदर्शन के दौरान पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा, कीर्ति किसान मोर्चा के अध्यक्ष वीर सिंह बरवा, किसान नेता सेठी शर्मा, आज़ाद टैक्सी यूनियन के कमलजीत सिंह, जन अधिकार कल्याण समिति के कश्मीर सिंह नांगली और कानूनी सलाहकार एडवोकेट उत्तंश मोगा समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
“हिमाचल सरकार ने हमें गुमराह किया है। अब यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। अगर 30 अप्रैल तक समाधान नहीं हुआ, तो 1 मई से जनता के लिए टोल के दरवाजे खोल दिए जाएंगे।” > — गौरव राणा, कन्वीनर, पंजाब मोर्चा

संपादकीय नोट: आने वाले दिनों में इस आंदोलन के कारण पंजाब-हिमाचल सीमा पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। प्रशासन 13 अप्रैल की मीटिंग पर नजरें टिकाए हुए है।








