नारकंडा में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़: 9 किलो अफीम और 12 लाख कैश बरामद
नेपाल मूल के तीन तस्कर गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर भेजे गए; इनोवा गाड़ी में छिपाकर ले जा रहे थे खेप

शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शिमला पुलिस ने कुमारसैन थाना क्षेत्र के नारकंडा में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 9.28 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने नेपाल मूल के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को रामपुर डिटैक्शन सेल की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाली नागरिकों का एक गिरोह भारी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ शिमला की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने नारकंडा के पास नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध इनोवा गाड़ी को तलाशी के लिए रोका गया।
छापेमारी की मुख्य बातें:
- बरामदगी: 9.28 किलोग्राम अफीम और 12 लाख रुपये नकद।
- वाहन: तस्करी के लिए प्रयुक्त इनोवा गाड़ी जब्त।
- आरोपी: तीनों आरोपी नेपाल के जाजरकोट और दांग इलाके के रहने वाले हैं।

पुलिस ने दंग रह गई तलाशी के दौरान
स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में जब गाड़ी की गहनता से तलाशी ली गई, तो भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और कैश देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। पुलिस ने तुरंत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान:
- एन. बहादुर उर्फ राजू (41): निवासी जाजरकोट, नेपाल।
- चक्रा बहादुर (25): निवासी जाजरकोट, नेपाल।
- मोहन साही (44): निवासी भरतपुर, दांग, नेपाल।

बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच जारी
शिमला के एसएसपी संजीव कुमार गांधी (या संबंधित अधिकारी गौरव सिंह) ने बताया कि पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
”हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नशे की यह बड़ी खेप कहां से आई थी और इसे आगे किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। इस पूरे रैकेट के ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज’ खंगाले जा रहे हैं ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।”
— एसएसपी, शिमला

पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशे की सप्लाई में लिप्त हो सकता है। फिलहाल रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।








