अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने वर्ष 2026 की वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। देशभर में निर्धारित 554 बैंक शाखाओं के माध्यम से 15 अप्रैल से अग्रिम पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तीर्थयात्रियों को परमिट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिए जाएंगे, जो प्रत्येक मार्ग के लिए तय दैनिक कोटे पर निर्भर करेगा।

स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और शुल्क
श्राइन बोर्ड के अनुसार, पंजीकरण के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को 8 अप्रैल, 2026 या उसके बाद किसी अधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) जमा करना होगा। इसके साथ ही 150 रुपए का निर्धारित शुल्क भी देय होगा। बोर्ड ने 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकृत चिकित्सा संस्थानों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है।
ई-KYC और डिजिटल परमिट
इस बार पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक ‘ई-के.वाई.सी.’ (e-KYC) सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
विशेष व्यवस्था: यदि बायोमेट्रिक सत्यापन में कोई तकनीकी बाधा आती है, तो विकल्प के तौर पर वेबकैम से फोटो खींचकर डेटा एंट्री सुनिश्चित की जाएगी। सभी परमिट श्राइन बोर्ड के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जारी होंगे।

पात्रता और प्रतिबंध
बोर्ड ने आयु सीमा और स्वास्थ्य को लेकर कड़े नियम जारी किए हैं:
- आयु सीमा: केवल 13 वर्ष से 70 वर्ष के बीच के लोग ही यात्रा के पात्र हैं।
- गर्भवती महिलाएं: 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी, भले ही उनके पास वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र क्यों न हो।
सावधानी बरतें श्रद्धालु
श्राइन बोर्ड ने सभी तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि पंजीकरण फॉर्म भरते समय अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर बिल्कुल सही दर्ज करें
, ताकि सत्यापन और सूचनाओं के आदान-प्रदान में कोई त्रुटि न हो।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड (अनिवार्य)।
- अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (8 अप्रैल के बाद का)।
- चार पासपोर्ट साइज फोटो।
- 150 रुपए पंजीकरण शुल्क।








