हिमाचल में कुदरत का कहर: अप्रैल में मानसून जैसी तबाही, ब्यास किनारे ढहने लगे आलीशान होटल

कुल्लू/मंडी/शिमला : हिमाचल प्रदेश में बीते पांच दिनों से जारी भारी बारिश और बर्फबारी ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। अप्रैल के महीने में ही मानसून जैसा मंजर देखने को मिल रहा है, जहां नदियां उफान पर हैं और पहाड़ दरक रहे हैं। चंबा में पुल गिरने की घटना के बाद अब कुल्लू और मंडी जिलों से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं।
ब्यास के किनारे भूस्खलन: करोड़ों का होटल खतरे में
कुल्लू जिले के बंदरोल इलाके में ब्यास नदी के जलस्तर में वृद्धि और किनारों पर भूस्खलन होने से हड़कंप मच गया है। मिट्टी धंसने के कारण नदी तट पर स्थित एक आलीशान होटल और उसके पास बने एक अन्य भवन का हिस्सा ढह गया। करोड़ों की लागत से बने इस होटल के अस्तित्व पर अब खतरा मंडरा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और लोगों ने आसपास के भवनों को खाली करने की सलाह दी है।

सड़कों का बुरा हाल: धंसा हाईवे, टूटा सुरक्षा दीवार
पहाड़ों पर लगातार बारिश ने यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी है:
- लेफ्ट बैंक हाईवे: कुल्लू और मनाली को जोड़ने वाले इस प्रमुख मार्ग का एक हिस्सा मनाली के अलेऊ के पास धंस गया है, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
- मंडी-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे: मंडी में जागर नाला के पास हाल ही में मरम्मत किया गया सुरक्षा दीवार (डंगा) बुधवार को दोबारा ढह गया। इसके गिरने से करीब 30 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। स्थानीय निवासियों में रोष है क्योंकि इस दीवार के गिरने से पास के आधा दर्जन घरों पर खतरा पैदा हो गया है।

अटल टनल पर बर्फबारी: अप्रैल में लौटी ‘दिसंबर वाली’ ठंड
एक ओर जहां मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश हो रही है, वहीं अटल टनल रोहतांग और ऊंची पहाड़ियों पर ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे प्रशासन ने ड्राइवरों को संभलकर चलने की चेतावनी जारी की है। इस बेमौसम बदलाव ने अप्रैल के महीने में ही लोगों को दिसंबर-जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है।
“प्रशासन की अपील: नदी किनारे न जाएं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।”

राहत की खबर: अगले 5 दिन साफ रहेगा मौसम
लगातार हो रही तबाही के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में धूप खिली है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार:
- आने वाले अगले पांच दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान है।
- धूप खिलने से प्रशासन को बंद सड़कों को खोलने और नुकसान का जायजा लेने में मदद मिलेगी।








