हिमाचल के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: 300 यूनिट तक सब्सिडी फिर बहाल

शिमला : हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक बड़ा यू-टर्न लेते हुए सब्सिडी कटौती के अपने पुराने फैसले को बदल दिया है। सरकार ने अब 126 से 300 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को फिर से सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। पांच दिन पहले बंद की गई इस सुविधा के बहाल होने से राज्य के 6 से 8 लाख उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर आर्थिक राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री की बैठक में हुआ फैसला
शनिवार देर शाम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में कांग्रेस की चुनाव पूर्व ‘300 यूनिट मुफ्त बिजली’ की गारंटी पर चर्चा हुई, जिसके बाद सब्सिडी बहाली का आदेश जारी किया गया।

किराए में भारी कटौती: अब ₹5.89 नहीं, ₹4.17 की दर से आएगा बिल
सब्सिडी हटने के बाद इन उपभोक्ताओं को 5.89 रुपये प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना पड़ रहा था। अब सब्सिडी बहाल होने के बाद उपभोक्ताओं को 4.17 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल जारी होगा। सरकार इन उपभोक्ताओं को दो मीटरों तक 300 यूनिट की खपत पर 1.72 रुपये प्रति यूनिट की दर से सब्सिडी प्रदान करेगी।

अति गरीब परिवारों का बिल होगा ‘जीरो’
विशेष सचिव ऊर्जा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार:
- अत्यंत गरीब परिवार: इन्हें हर महीने 300 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त मिलेगी।
- शून्य शुल्क: इन परिवारों से बिजली बिल के साथ लगने वाला सैस, ड्यूटी या अन्य कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
- सामान्य उपभोक्ता: अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को सैस और ड्यूटी के रूप में लगभग 80 रुपये का भुगतान करना होगा।

125 यूनिट फ्री बिजली का गणित: क्या बदला और क्या नहीं?
प्रदेश में पहले से चल रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना जारी रहेगी, लेकिन अब इसमें कुछ नियम सख्त किए गए हैं:
-
- मीटर की सीमा: मुफ्त बिजली की सुविधा अब केवल अधिकतम दो मीटरों तक ही सीमित होगी।
- दुरुपयोग पर लगाम: बिजली बोर्ड की जांच में सामने आया है कि कई रसूखदार उपभोक्ताओं ने अपने नाम पर 40 से 45 मीटर लगवा रखे थे। अब तीसरे या उससे अधिक मीटर पर कोई सब्सिडी या मुफ्त बिजली नहीं मिलेगी।
“हमने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सब्सिडी बहाल करने का निर्णय लिया है। हमारी सरकार अपनी गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और पात्र उपभोक्ताओं को राहत देना हमारी प्राथमिकता है।” > — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश








