5 अप्रैल 2026 आज का खास दिन
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व
ईस्टर संडे (Easter Sunday):
आज संपूर्ण विश्व में ईसाई समुदाय ‘ईस्टर’ का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। मान्यता है कि गुड फ्राइडे को सूली पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन, यानी आज ही के दिन प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुए थे। यह दिन अंधकार पर प्रकाश और मृत्यु पर जीवन की विजय का प्रतीक है। गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं और लोग एक-दूसरे को अंडों (Easter Eggs) और उपहारों के साथ शुभकामनाएं दे रहे हैं।
बाबू जगजीवन राम जयंती:
राष्ट्रीय स्तर पर आज का दिन भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू जगजीवन राम की जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। ‘बाबूजी’ के नाम से लोकप्रिय जगजीवन राम ने अपना पूरा जीवन दलितों, पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। रक्षा मंत्री के रूप में 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनकी भूमिका को देश आज भी बड़े गर्व के साथ याद करता है।
धार्मिक महत्व और व्रत-त्योहार
विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत:
धार्मिक दृष्टि से आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे ‘विकट संकष्टी चतुर्थी’ कहा जाता है। आज के दिन भक्त विघ्नहर्ता भगवान गणेश के निमित्त व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजन करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं। रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही इस व्रत का पारण किया जाता है।

आज का पंचांग: क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र?
आज रविवार का दिन है और पंचांग के अनुसार गणना कुछ इस प्रकार है:
- विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी शक संवत – 1948)
- मास एवं पक्ष: वैशाख, कृष्ण पक्ष
- तिथि: तृतीया दोपहर 12:00 बजे तक, उसके उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।
- नक्षत्र: विशाखा नक्षत्र रात्रि 12:08 (6 अप्रैल) तक, इसके बाद अनुराधा नक्षत्र।
- योग: वज्र योग दोपहर 02:44 तक, फिर सिद्धि योग प्रारंभ।
- चंद्र राशि: चंद्रमा सायं 05:28 तक तुला राशि में रहेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।

आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त:
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:16 से 01:06 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ समय)।
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:56 से 05:43 तक।
- राहुकाल: सायं 05:05 से 06:39 तक (इस समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए)।
- चंद्रोदय का समय: रात्रि 09:46 बजे (स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर संभव)।
दिशा शूल: आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दलिया या घी खाकर घर से निकलना शुभ माना जाता है।
कुल मिलाकर, आज का दिन कर्म, भक्ति और समाज सेवा की प्रेरणा देने वाला है। जहाँ ईस्टर हमें नई शुरुआत का संदेश दे रहा है, वहीं संकष्टी चतुर्थी धैर्य और विघ्नों को हरने की शक्ति प्रदान कर रही है।









