चेस्टर हिल प्रोजेक्ट: भाजपा ने उठाई हाईकोर्ट के मौजूदा जज से जांच की मांग
मुख्य सचिव के स्पष्टीकरण पर रणधीर शर्मा का पलटवार; भ्रष्टाचार और धारा 118 के उल्लंघन के गंभीर आरोप

सोलन/शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सोलन की ‘चेस्टर हिल’ आवास परियोजना (Chester Hills Housing Project) को लेकर घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को इस परियोजना में कथित अनियमितताओं की जांच उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की है। यह मांग मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा उन पर लगे आरोपों को निराधार बताने के ठीक एक दिन बाद आई है।
सरकार और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप
राज्य भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि जब कोई उच्च अधिकारी स्वयं सफाई देने के लिए आगे आता है और सरकार इस पर चुप्पी साधे रहती है, तो यह स्पष्ट है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि ‘पूरी दाल ही काली’ है। शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार न केवल भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दे रही है, बल्कि उन्हें कार्यकाल विस्तार और महत्वपूर्ण पदों से नवाज कर पुरस्कृत भी कर रही है।

क्या है विवाद की मुख्य वजह?
यह विवाद तब गहराया जब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में हिमाचल प्रदेश काश्तकारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 का खुला उल्लंघन हुआ है।
- धारा 118: यह कानून गैर-हिमाचली व्यक्तियों को बिना सरकारी अनुमति के राज्य में भूमि खरीदने से रोकता है।
- माकपा की मांग: वामपंथी नेताओं का कहना है कि मुख्य सचिव को पद से हटाए बिना निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।
गौरतलब है कि 31 मार्च को मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने एक संवाददाता सम्मेलन में खुद को निर्दोष बताते हुए आरोपों को खारिज किया था और इशारा किया था कि पूर्व मुख्य सचिवों के कार्यकाल में भी कुछ अनियमितताएं रही थीं।

टैक्स के मुद्दे पर भी घेरी सरकार
चेस्टर हिल मामले के साथ-साथ रणधीर शर्मा ने यात्री वाहनों पर लगाए गए नए प्रवेश शुल्क का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने कहा, “सरकार ने पांच सीट वाले वाहनों पर 100 रुपये का प्रवेश शुल्क लगाकर सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर डाका डाला है। इससे पर्यटन और स्थानीय आवाजाही दोनों प्रभावित हो रहे हैं।” भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।








