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तैयार रहें! 1 अप्रैल से बदल जाएंगे शहर के दस्तूर; कूड़ा, पानी और टैक्स के लिए ढीली करनी होगी जेब

महंगाई की मार: राजधानी में 1 अप्रैल से जीना होगा दूभर, पानी-बिजली और कूड़ा सब हुआ महंगा

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत राजधानी के निवासियों के लिए राहत के बजाय आर्थिक बोझ लेकर आ रही है। स्कूल की बढ़ती फीस और आसमान छूती महंगाई के बीच अब नगर निगम और जल विभाग ने भी आम जनता की जेब पर कैंची चलाने की तैयारी कर ली है। 1 अप्रैल से पानी, कूड़ा उठाने का शुल्क और बिजली की दरें बढ़ने से मध्यम वर्ग का घरेलू बजट पूरी तरह चरमराने वाला है।

कूड़ा उठाना हुआ 10% महंगा

​नगर निगम के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार, कूड़ा उठाने के शुल्क (Garbage Fee) में 10% की बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।

  • घरेलू उपभोक्ता: अब 142 रुपये के बजाय 156 रुपये प्रति माह का भुगतान करेंगे।
  • व्यावसायिक क्षेत्र: यह वृद्धि होटल, ढाबा और छोटे दुकानदारों पर भी समान रूप से लागू होगी।
  • कारण: निगम प्रशासन का तर्क है कि सफाई कर्मचारियों (सैहब सोसायटी) के वेतन में वृद्धि के लिए यह अतिरिक्त राजस्व जुटाना अनिवार्य है।

पानी की कीमतों में 8% का पहले ही इजाफा

​शहर में जल संकट और आपूर्ति की लागत का हवाला देते हुए जल विभाग पहले ही पानी की कीमतों में 8% की बढ़ोतरी कर चुका है। अब नए वित्तीय वर्ष के साथ उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिलों का सामना करना होगा, जिससे गर्मी के मौसम में पानी का खर्च बजट बिगाड़ सकता है।

प्रॉपर्टी टैक्स का भी बढ़ेगा बोझ

​केंद्र सरकार के नियमों और प्रदेश की जीडीपी दर के आधार पर इस साल प्रॉपर्टी टैक्स में भी करीब 6% की वृद्धि होने की प्रबल संभावना है।

​”हालांकि निगम ने अभी अंतिम दरों पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन शहर के 32 हजार से ज्यादा भवन मालिकों पर इसका सीधा असर पड़ना तय है।”

 

अवैध निर्माणों पर ‘महंगी बिजली’ का चाबुक

​शहर में ऐसे हजारों मकान हैं जो बिना स्वीकृत नक्शे या एनओसी (NOC) के बने हैं। अभी तक इन घरों को सामान्य दरों पर बिजली मिल रही थी, लेकिन सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इन क्षेत्रों में अब बिजली की विशेष दरें लागू की जाएंगी, जिससे अवैध निर्माणों में रहने वाले लोगों को अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी होगी।

आम जनता की राय

​शहरवासियों का कहना है कि एक तरफ आमदनी स्थिर है और दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं (पानी, बिजली, सफाई) के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। मध्यम वर्ग के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के खर्चों के बीच इन अतिरिक्त शुल्कों का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

| सेवा | संभावित बढ़ोतरी |

| :— | :— |

| कूड़ा शुल्क | 10% (142 से बढ़कर 156 रुपये) |

| पानी शुल्क | 8% की वृद्धि लागू |

| प्रॉपर्टी टैक्स | 6% वृद्धि की संभावना |

| बिजली | बिना नक्शे वाले घरों के लिए महंगी दरें |

Ami News
Author: Ami News

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