गुरदासपुर: मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप, दो गुटों में जमकर चले लाठी-डंडे; प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार को घेरा

गुरदासपुर : जिले के थाना भैणी मियां खां के अधीन पड़ते गांव राजूबेलां में उस समय दहशत फैल गई, जब एक महिला से जुड़े मामूली विवाद ने दो गुटों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया। इस खूनी संघर्ष में वर्तमान सरपंच पक्ष और उनके राजनीतिक विरोधियों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों पक्षों की महिलाओं सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक महिला को लेकर हुई छोटी सी कहासुनी से हुई थी। देखते ही देखते यह निजी मामला राजनीतिक रंजिश में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है कि जब पुलिस मौके पर पहुंची, उसी दौरान सरपंच पक्ष और विरोधी गुट के बीच बहसबाजी तेज हो गई और देखते ही देखते दोनों ओर से तेजधार हथियारों और लाठियों का प्रयोग शुरू हो गया।
”गांव में माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि लोग अपने घरों में दुबक गए। इस झड़प में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी चोटें आई हैं।” — स्थानीय निवासी

अस्पताल में घायलों का तांता
झड़प में घायल हुए सभी व्यक्तियों को तुरंत सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दोनों गुट एक-दूसरे पर हमला करने और उकसाने के आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है।
प्रताप सिंह बाजवा ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा घायलों का हालचाल जानने सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की और इस घटना को लेकर पंजाब की ‘आप’ सरकार पर तीखा हमला बोला।
बाजवा के मुख्य आरोप:
- प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिंसक झड़पें होना प्रशासन की विफलता है।
- राजनीतिक द्वेष के चलते आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई
थाना भैणी मियां खां की पुलिस के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और अस्पताल से मिली मेडिकल रिपोर्ट तथा चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय टिप्पणी: गांवों में बढ़ती राजनीतिक गुटबाजी और मामूली बातों पर हिंसा समाज के लिए चिंता का विषय है। पुलिस को निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।








