चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा: कलेक्टर रेट में 10 से 22 फीसदी की बढ़ोतरी

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में अपना घर या दुकान लेने का सपना देख रहे लोगों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। चंडीगढ़ प्रशासन ने बुधवार को अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए नए कलेक्टर रेट की अधिसूचना (Notification) जारी कर दी है। नए रेट 1 अप्रैल से लागू होंगे, जिसके बाद शहर में जमीन की रजिस्ट्री कराना काफी महंगा हो जाएगा।

प्रमुख श्रेणियों में भारी वृद्धि
प्रशासन ने इस बार रिहायशी (Residential), कमर्शियल (Commercial), इंडस्ट्रियल (Industrial) और कृषि योग्य भूमि (Agricultural Land) के रेट में 10 से 22 फीसदी तक का इजाफा किया है।
प्रशासन द्वारा रेट बढ़ाए जाने के प्रस्ताव पर हालांकि इस बार जनता की ओर से कोई कड़ा विरोध तो देखने को नहीं मिला, लेकिन विभिन्न संगठनों ने इंडस्ट्रियल और कमर्शियल जमीनों के रेट कम करने की मांग जरूर उठाई थी। प्रशासन ने इन सुझावों के बावजूद राजस्व में वृद्धि को देखते हुए रेट बढ़ा दिए हैं।

हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स और मकानों की नई दरें
नए नोटिफिकेशन के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों और इंडिपेंडेंट मकानों की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। अब फ्लैट की मंजिल के हिसाब से कलेक्टर रेट तय होंगे:
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कैटेगरी |
नए रेट (प्रति वर्ग फुट) |
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ग्राउंड फ्लोर (Ground Floor) |
₹ 11,000 |
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पहली मंजिल (1st Floor) |
₹ 9,000 |
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दूसरी मंजिल (2nd Floor) |
₹ 8,000 |
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तीसरी मंजिल (3rd Floor) |
₹ 7,200 |
आम आदमी पर क्या होगा असर?
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- रजिस्ट्री शुल्क में इजाफा: कलेक्टर रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि अब स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस ज्यादा चुकानी होगी।
- प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल: बाजार में जमीन और बने-बनाए मकानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
- 31 मार्च तक का समय: जो लोग पुरानी दरों पर रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, उनके पास केवल 31 मार्च तक का समय बचा है।
विशेष नोट: प्रशासन का तर्क है कि बाजार मूल्य और कलेक्टर रेट के बीच के अंतर को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि पारदर्शी तरीके से संपत्तियों का मूल्यांकन हो सके।








