हिमाचल के मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत: अब डिपो में मिलेगा 12 किलो आटा

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए वित्त वर्ष 2026-27 के आगाज़ से पहले प्रदेश के लाखों मध्यम वर्गीय परिवारों (APL) के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है। बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी को संबल देने के लिए सरकार ने डिपो में मिलने वाले राशन के कोटे में बढ़ोतरी का फैसला किया है। अप्रैल महीने से प्रदेश के एपीएल परिवारों को मिलने वाले आटे के कोटे में 1 किलो की वृद्धि की जाएगी।

12 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब एपीएल राशन कार्ड धारकों को प्रति परिवार 11 किलो के बजाय 12 किलो आटा दिया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 12 लाख से अधिक परिवारों के घरेलू बजट को संभालने में मदद मिलेगी। विभाग का मानना है कि यह वृद्धि दिखने में छोटी लग सकती है, लेकिन ग्रामीण और मध्यम वर्गीय क्षेत्रों में यह रसोई के खर्च को संतुलित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
गुणवत्ता से समझौता नहीं: सरकार का सख्त रुख
राशन की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने इसकी गुणवत्ता (Quality) पर भी पैनी नजर रखी है। जिला खाद्य नियंत्रक पुरूषोत्तम सिंह ने स्पष्ट किया है कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य उपभोक्ताओं को केवल राशन ही नहीं, बल्कि ‘शुद्ध खाद्यान्न’ उपलब्ध कराना है।

विभाग की नई रणनीति:
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- औचक निरीक्षण: डिपो में राशन की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग की टीमें अचानक छापेमारी करेंगी।
- पारदर्शिता: डिपो संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखें।
- जीरो टॉलरेंस: राशन वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही या धांधली पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
”सरकार का यह कदम महंगाई की मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारा प्रयास है कि हर पात्र परिवार को समय पर और उच्च गुणवत्ता वाला राशन मिले।”
— पुरूषोत्तम सिंह, जिला खाद्य नियंत्रक








