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20 मार्च 2026 आज का खास दिन

20 मार्च 2026: खगोलीय बदलाव और आस्था का संगम, जानें आज का विशेष महत्व

​आज 20 मार्च 2026 का दिन कैलेंडर के पन्नों पर बेहद महत्वपूर्ण है। आज न केवल प्रकृति अपनी करवट बदल रही है, बल्कि धार्मिक और राष्ट्रीय दृष्टि से भी कई विशेष संयोग बन रहे हैं। आज का दिन दुनिया भर में ‘इक्विनॉक्स’ (विषुव) और ‘अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है, वहीं भारतीय पंचांग के अनुसार चैत्र मास की गतिविधियों का विशेष महत्व है।

​राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व

1. अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (International Day of Happiness)

आज पूरी दुनिया खुशहाली का जश्न मना रही है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन हमें याद दिलाता है कि प्रगति का पैमाना केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि मानसिक संतुष्टि और खुशी भी है।

2. वसंत विषुव (Vernal Equinox)

खगोलीय दृष्टि से आज का दिन बेहद खास है। आज सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है, जिससे दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है। उत्तरी गोलार्ध में आज से वसंत ऋतु का आधिकारिक आगमन माना जाता है, जो जीवन में नई ऊर्जा और हरियाली का प्रतीक है।

3. विश्व गौरैया दिवस (World Sparrow Day)

पर्यावरण की दृष्टि से आज का दिन नन्हीं गौरैया के संरक्षण को समर्पित है। ‘आई लव स्पैरो’ थीम के साथ आज देश भर में लुप्त होती इस पक्षी प्रजाति को बचाने का संकल्प लिया जा रहा है।

​आज का पंचांग: एक विस्तृत विवरण

​आज का पंचांग उन लोगों के लिए विशेष है जो समय की शुद्धता और ग्रहों की चाल पर विश्वास रखते हैं।

  • तिथि: चैत्र शुक्ल पक्ष, द्वितीया (दोपहर 01:45 PM तक, उसके बाद तृतीया शुरू)
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: रेवती (दोपहर 02:12 PM तक, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र)
  • योग: शुक्ल (शाम 05:30 PM तक, फिर ब्रह्म योग)
  • करण: बालव और कौलव
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  • ऋतु: वसंत ऋतु
  • सूर्य और चंद्रमा: सूर्योदय सुबह 06:24 AM पर और सूर्यास्त शाम 06:32 PM पर होगा। चंद्रमा मीन राशि त्याग कर मेष राशि में प्रवेश करेगा।

​धार्मिक दृष्टि से क्यों है खास?

​आज चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन की पूर्व संध्या और चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:

  • मां ब्रह्मचारिणी पूजन की तैयारी: आज का दिन भक्ति और तपस्या का प्रतीक है। कई क्षेत्रों में आज मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप की आराधना की तैयारी की जाती है।
  • पंचक की समाप्ति: आज दोपहर 02:12 PM पर ‘रेवती’ नक्षत्र के समाप्त होने के साथ ही ‘पंचक’ भी समाप्त हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके बाद शुभ कार्यों को करने की बाधाएं दूर हो जाएंगी।
  • चंद्र दर्शन का महत्व: आज ‘सिंजारा’ उत्सव की झलक भी देखने को मिलती है, जो गणगौर पर्व से पहले उत्साह के साथ मनाया जाता है।

​शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)

​आज यदि आप कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो समय का ध्यान अवश्य रखें:

  • अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ): दोपहर 12:04 PM से 12:52 PM तक।
  • राहुकाल (वर्जित समय): सुबह 10:57 AM से दोपहर 12:28 PM तक। इस समय में महत्वपूर्ण निर्णय लेने या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।

​आज का दिन हमें प्रकृति के संतुलन (दिन-रात की समानता) और जीवन की खुशी के बीच सामंजस्य बिठाने की प्रेरणा देता है।

Ami News
Author: Ami News

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