पंजाब: डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की हड़ताल खत्म, SHO समेत दो सस्पेंड

अमृतसर/जंडियाला:पंजाब में डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल के साथ हुई कथित पुलिस बदसलूकी और अत्याचार के खिलाफ चल रही तीन दिवसीय ‘कलम छोड़’ हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। प्रशासन द्वारा दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के आश्वासन और निलंबन के बाद यूनियन ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन का एक्शन: SHO और सिपाही सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी और एसएसपी (देहाती) के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद बड़ा फैसला लिया गया। थाना जंडियाला गुरु के एसएचओ (SHO) नरेश कुमार और एक अन्य सिपाही को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ने दफ्तरों में काम फिर से शुरू कर दिया है।

क्या था पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब जंडियाला गुरु पुलिस ने रात करीब 12 बजे यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल को उनके गांव से गिरफ्तार किया। नंगल का आरोप है कि हिरासत के दौरान:
- पुलिस ने उनके साथ अभद्र गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए उनका ‘दमाला’ (पगड़ी) उतारा गया।
- उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जैसा किसी अपराधी के साथ भी नहीं होता।
इस घटना के विरोध में पूरे पंजाब के कर्मचारियों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया था, जिसके बाद नंगल को रिहा किया गया। इसके बाद पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विस यूनियन, रेवेन्यू पटवार यूनियन और अन्य संगठनों ने एकजुट होकर 3 दिन की हड़ताल का ऐलान किया था।
अकाल तख्त साहिब में होगी शिकायत
तेजिंदर सिंह नंगल ने इस घटना को सिखों की धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस तरह उनका दाड़ा (दाढ़ी) नोचने और दमाला उतारने का कृत्य किया है, उसकी शिकायत वह जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से करेंगे। नंगल ने संकल्प लिया है कि जब तक जत्थेदार साहिब स्वयं उनके सिर पर दमाला नहीं सजाएंगे, तब तक वह दमाला धारण नहीं करेंगे।
“मेरे साथ जो हुआ, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, वैचारिक संघर्ष जारी रहेगा।”
— तेजिंदर सिंह नंगल, प्रदेश अध्यक्ष (डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन)








