हिमाचल के शहरी विकास को पंख: केंद्र से ₹366 करोड़ की सौगात, शिमला और हमीरपुर की बदलेगी सूरत

शिमला : हिमाचल प्रदेश में शहरी बुनियादी ढांचे और सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी वित्तीय मदद दी है। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए ₹600 करोड़ के प्रस्तावों में से केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने ₹366 करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।
शिमला और हमीरपुर में बनेंगे आधुनिक ‘सिटी सेंटर’
मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के तहत प्रदेश के प्रमुख शहरों का कायाकल्प किया जाएगा:
- शिमला सब्जी मंडी का पुनर्विकास: इसके लिए ₹140 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। यहाँ एक आधुनिक लैंडमार्क बनाया जाएगा जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, नगर निगम कार्यालय, होटल, फूड कोर्ट और मल्टीस्क्रीन की सुविधा होगी।
- हमीरपुर पुराना बस स्टैंड: पुराने HRTC बस स्टैंड के पुनर्विकास के लिए ₹110 करोड़ (80+30 करोड़) मंजूर किए गए हैं। यहाँ कन्वेंशन सेंटर, गेमिंग जोन और कमर्शियल स्पेस युक्त सिटी सेंटर बनेगा।
- धर्मशाला नेबरहुड प्लान: धर्मशाला नगर निगम के सुधार के लिए ₹20 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है।
15 अप्रैल से बिछेगा सड़कों का जाल, ठेकेदारों के लिए कड़े नियम
विक्रमादित्य सिंह ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ₹2300 करोड़ की लागत से 1500 किलोमीटर लंबी 294 सड़कों का निर्माण 15 अप्रैल से शुरू हो जाएगा।
ठेकेदारों के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’:
मंत्री ने स्पष्ट किया कि काम की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं:
- पुराने काम अधूरे छोड़ने वाले ठेकेदारों को नए प्रोजेक्ट नहीं मिलेंगे।
- एक ठेकेदार को अधिकतम 7 कार्य या ₹100 करोड़ तक के ही टेंडर दिए जाएंगे।
- 70% कार्य पूरा करने के बाद ही अगले प्रोजेक्ट के लिए पात्रता होगी।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलना सबका अधिकार
भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलना किसी का एकाधिकार (ठेका) नहीं है। उन्होंने ईरान-इजरायल संकट का जिक्र करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में हिमाचल के करीब 45 हजार लोग रहते हैं। उनकी सुरक्षा और एलपीजी (LPG) आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को लेकर आवाज उठाना सरकार का दायित्व है।

तीसरा मोर्चा व्यावहारिक नहीं
राजनीतिक गलियारों में ‘तीसरे मोर्चे’ की चर्चाओं पर मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सबको मोर्चा बनाने का अधिकार है, लेकिन यह व्यावहारिक (Viable) नहीं लगता। उन्होंने कहा कि आज का मतदाता केवल विश्वसनीय नेतृत्व और विकास को ही महत्व देता है।
“इन परियोजनाओं से न केवल शहरी आधारभूत ढांचा मजबूत होगा, बल्कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को भी बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।”
— विक्रमादित्य सिंह, लोक निर्माण मंत्री








