आप सरकार के 4 साल: बढ़ता कर्ज, गैंगस्टरवाद और नशे का विस्तार ही मुख्य ‘उपलब्धि’ – सुनील जाखड़

चंडीगढ़ : पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के चार साल पूरे होने पर तीखा हमला बोला है। जाखड़ ने सरकार के कार्यकाल को पंजाब के इतिहास का सबसे “विफल दौर” करार देते हुए कहा कि मुफ्त सुविधाओं के विज्ञापनों के पीछे राज्य की बदहाली छिपी हुई है।
सुरक्षा और नशे पर घेरा: ‘डर के साये में जी रहे हैं पंजाबी’
जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान गैंगस्टरवाद को “अंतरराष्ट्रीय समस्या” बताकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला नहीं झाड़ सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि आज हर पंजाबी असुरक्षा के माहौल में है।
- फिरौती और अपराध: रोजाना हो रही आपराधिक घटनाओं और फिरौती के कॉल्स ने व्यापारियों और आम जनता में डर पैदा कर दिया है।
- नशे का मुद्दा: सरकार के नशामुक्त पंजाब के दावों की पोल खोलते हुए जाखड़ ने कहा कि अगर दावे सच होते, तो पुलिस को गांवों में कमेटियों से रात का पहरा देने की अपील नहीं करनी पड़ती।
खनन और भ्रष्टाचार: ‘20,000 करोड़ की आय का वादा कहां गया?’
भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री और उनके “सुपर मुख्यमंत्री” पर तंज कसते हुए पूछा कि चुनाव से पहले माइनिंग से ₹20,000 करोड़ की आय होने का वादा करने वाली पार्टी अब चुप क्यों है?
”राज्य में अवैध माइनिंग सरेआम हो रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली पार्टी को जवाब देना चाहिए कि माइनिंग का पैसा किसकी जेब में जा रहा है।”

बिजली संकट और शिक्षा मॉडल पर सवाल
जाखड़ ने चेतावनी दी कि मुफ्त बिजली के लोकलुभावन वादों ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) को दिवालिया होने की कगार पर खड़ा कर दिया है। उन्होंने अंदेशा जताया कि यह स्थिति भविष्य में बिजली के निजीकरण और जनता पर भारी आर्थिक बोझ का कारण बनेगी।
वहीं, “शिक्षा क्रांति” को सिरे से नकारते हुए उन्होंने कहा, “सिर्फ इमारतों का रंग बदलने से क्रांति नहीं आती, वरना गिरगिट सबसे बड़ा क्रांतिकारी होता।” उन्होंने चुनौती दी कि यदि आप नेताओं को अपने मॉडल पर भरोसा है, तो वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजें।

विज्ञापनों की सरकार और हर वर्ग की नाराजगी
जाखड़ ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की दरें अब पहले से ज्यादा बढ़ गई हैं। उन्होंने राजस्थान की उन कंपनियों को दोबारा ठेके दिए जाने पर सवाल उठाए, जिन पर पिछली कांग्रेस सरकार के समय करोड़ों के घोटाले का आरोप था।
- कर्मचारी और किसान: सरकारी कर्मचारियों को DA नहीं मिल रहा है और सरकार कृषि नीति लागू करने में विफल रही है।
- केंद्र पर दोषारोपण: कृषि जैसे राज्य सूची के विषय पर भी मुख्यमंत्री केंद्र की ओर देख रहे हैं, जो उनकी प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
जाखड़ ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि यह सरकार केवल विज्ञापनों के सहारे चल रही है और धरातल पर यह पंजाब की अब तक की सबसे खराब सरकार साबित हुई है।








