ज्वालामुखी क्षेत्र में चोरों का तांडव: अब घरों और मंदिरों में भी सुरक्षित नहीं लोग
अंब सलेतर में दुकानदार के घर से लाखों की नकदी और गहने पार; ग्रिल उखाड़कर कमरे में घुसे शातिर

ज्वालामुखी: कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र और इसके आसपास के इलाकों में इन दिनों चोरों का आतंक चरम पर है। बेखौफ चोर अब न तो भगवान के मंदिरों को बख्श रहे हैं और न ही आम जनता के घरों को। ताजा मामला अंब सलेतर वार्ड नंबर-2 से सामने आया है, जहाँ शातिरों ने एक दुकानदार के घर में सेंधमारी कर लाखों रुपए की नकदी और आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया है। लगातार बढ़ती इन वारदातों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
सोते रहे परिजन, खिड़की की ग्रिल उखाड़कर अंदर घुसे चोर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंब सलेतर निवासी वीरेंद्र कुमार, जो पेशे से दुकानदार हैं, के घर को चोरों ने निशाना बनाया। वारदात के समय वीरेंद्र कुमार घर के दूसरे कमरे में सो रहे थे। चोरों ने बड़ी चालाकी से मकान की साइड वाली खिड़की की ग्रिल उखाड़ी और कमरे के अंदर प्रवेश किया। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस कमरे में चोरी हुई, उस पर बाहर से ताला लगा हुआ था। चोरों ने अंदर घुसकर पूरे कमरे के सामान को खंगाला और अलमारी में रखे करीब 2 लाख रुपए नकद और कीमती गहने लेकर रफूचक्कर हो गए। चोरी हुई नकदी में 40 हजार रुपए के नोटों के हार भी शामिल थे।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, पर हाथ अब भी खाली
घटना की सूचना मिलते ही ज्वालामुखी पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जाँची, लेकिन अंधेरे और चोरों की सतर्कता के कारण उनके चेहरे स्पष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

मंदिर भी नहीं रहे सुरक्षित, लोगों में भारी आक्रोश
क्षेत्र में दहशत का आलम यह है कि हाल ही में चोरों ने रोहाडा कसेटी गाँव के एक प्राचीन शिव मंदिर को भी निशाना बनाया था। वहां से माता की मूर्ति की सोने की नथ और बाबा की चांदी की चरण पादुकाएं चोरी कर ली गई थीं। एक के बाद एक हो रही इन घटनाओं से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्त न के बराबर है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
“हमने मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। संदिग्धों की तलाश जारी है और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
— पुलिस प्रशासन, ज्वालामुखी








