15 मार्च 2026: आज का पंचांग और खास अवसर – राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं धार्मिक महत्व

आज 15 मार्च 2026 है। कैलेंडर का यह पन्ना राष्ट्रीय गौरव, वैश्विक जागरूकता और आध्यात्मिक चेतना का एक सुंदर संगम लेकर आया है। आइए जानते हैं आज के दिन की प्रमुख विशेषताएं और ज्योतिषीय गणना।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस (World Consumer Rights Day)
आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस’ मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और आवश्यकताओं के प्रति जागरूक करना है। इस दिन की शुरुआत 1983 में हुई थी, जो अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी द्वारा उपभोक्ता अधिकारों की परिभाषा देने से प्रेरित थी। आज के डिजिटल युग में, यह दिन ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और सुरक्षित बाजार के प्रति सजग रहने का संदेश देता है।
राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (भारत)
भारत में आज के दिन को ‘राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस’ के रूप में भी देखा जाता है। 1995 में आज ही के दिन भारत में ‘पल्स पोलियो अभियान’ की शुरुआत हुई थी। यह दिन स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण और देश को बीमारियों से मुक्त करने के हमारे संकल्प को दोहराने का अवसर है।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि
पापमोचिनी एकादशी
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत शुभ और पावन है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की ‘पापमोचिनी एकादशी’ है। शास्त्रों के अनुसार, यह एकादशी सभी प्रकार के पापों का नाश करने वाली मानी जाती है। भगवान विष्णु की आराधना के लिए समर्पित यह दिन श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और शुद्धि प्रदान करता है। आज के दिन व्रत रखने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है।
आज का विस्तृत पंचांग
आज की ज्योतिषीय गणना और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- तिथि: एकादशी (दोपहर 01:22 तक, इसके बाद द्वादशी)
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- मास: चैत्र
- वार: रविवार
- नक्षत्र: श्रवण (प्रातः काल तक, तदुपरांत धनिष्ठा)
- योग: शिव योग
- करण: बालव
शुभ एवं अशुभ समय
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 तक (यह समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम है)।
- राहुकाल: शाम 04:30 से 06:00 बजे तक (इस समय में महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है)।
- सूर्योदय: सुबह 06:18 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:21 बजे

आज का संदेश
15 मार्च का दिन हमें एक सजग नागरिक (उपभोक्ता अधिकार), एक स्वस्थ व्यक्ति (टीकाकरण) और एक शुद्ध आत्मा (एकादशी व्रत) बनने की प्रेरणा देता है। आज के दिन का सदुपयोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने में करें।








