हिमाचल में एलपीजी का संकट: ढाबों पर लटके ताले, इंडक्शन और पारंपरिक चूल्हों की ओर लौटे लोग

हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति में आई बाधा ने आम जनजीवन और छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई जिलों में सिलेंडरों की किल्लत का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। स्थिति यह है कि चाय की दुकानों से लेकर छोटे ढाबों तक, ईंधन की कमी के कारण काम ठप होने की कगार पर है।
लक्कड़ बाजार में चाय की दुकानें बंद, कारोबार प्रभावित
शिमला का व्यस्त ‘लक्कड़ बाजार’ इलाका, जो अपने पारंपरिक लकड़ी के सामान और खान-पान के लिए मशहूर है, वहां गैस की कमी के कारण सन्नाटा पसरने लगा है। एलपीजी की अनुपलब्धता के चलते क्षेत्र की कम से कम दो चाय की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। स्थानीय वेंडरों का कहना है कि घरेलू गैस की रीफिलिंग में हो रही देरी उनके दैनिक रोजगार को सीधा नुकसान पहुँचा रही है।
आपूर्ति में देरी से बढ़ी ‘पैनिक बुकिंग’
संजौली और आसपास के इलाकों के उपभोक्ताओं में भविष्य की अनिश्चितता को लेकर घबराहट (Panic) देखी जा रही है।
- उपभोक्ता कुलदीप शर्मा ने बताया, “तीन दिन पहले बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी का कहना है कि बॉटलिंग प्लांट पर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हैं।”
- संजीव सुंटा के अनुसार, लोग भविष्य में भारी किल्लत की आशंका से पहले ही सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव पैदा हो गया है।
इंडक्शन चूल्हों की रिकॉर्ड बिक्री
गैस के संकट ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बाजार में अचानक तेजी ला दी है। लोअर बाजार के सेल्समैन विजय शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को उनकी दुकान से रिकॉर्ड 25 इंडक्शन स्टोव बिके। बिजली की स्थिर आपूर्ति के कारण लोग अब एलपीजी के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक उपकरणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे चेओग गांव) में लोग एक बार फिर पारंपरिक लकड़ी के चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं।

प्रशासन का दावा: ‘स्टॉक पर्याप्त, घबराने की जरूरत नहीं’
एक ओर जहाँ जनता परेशान है, वहीं प्रशासन ने जमाखोरी या कमी के दावों को सिरे से खारिज किया है।
- जिला खाद्य नियंत्रक (शिमला): राज्य में एलपीजी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है। लोगों से अपील है कि वे घबराकर अग्रिम बुकिंग न करें।
- डॉ. एस. पी. कट्याल (अध्यक्ष, राज्य खाद्य आयोग): आपूर्ति प्रणाली ऑनलाइन होने के कारण जमाखोरी मुमकिन नहीं है। बद्दी, ऊना और अंबाला स्थित प्लांट से आपूर्ति जारी है, केवल परिवहन के कारण कुछ देरी हो रही है।

उद्योग जगत की मांग: ‘राशनिंग व्यवस्था हो लागू’
हिमाचल प्रदेश स्टेट रेस्टोरेंट एंड होटल एसोसिएशन के संयोजक मोहिंदर सेठ ने सरकार से मांग की है कि वाणिज्यिक (Commercial) सिलेंडरों की आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए अस्थायी राशनिंग लागू की जाए, ताकि पर्यटन सीजन और स्थानीय कारोबार पर असर न पड़े। फिलहाल, सोलन, हमीरपुर, किन्नौर और कांगड़ा प्रशासन ने भी जनता को आश्वस्त किया है कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी।








