114 की उम्र में आए नए दांत, पर सरकारी सिस्टम ने दिखाए ‘दांत’
कुदरत का करिश्मा: तलवाड़ा की धर्मो देवी के दोबारा निकले दांत, बायोमेट्रिक न होने से राशन और इलाज बंद

होशियारपुर (तलवाड़ा):कुदरत के रंग निराले हैं, यह कहावत पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव दरवाली कलां में सच साबित हो रही है। यहाँ 114 वर्ष की बुजुर्ग महिला धर्मो देवी के इस उम्र में दोबारा दांत निकलने शुरू हो गए हैं। जहाँ एक ओर ग्रामीण और परिवार इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यही बुजुर्ग महिला सरकारी सिस्टम की पेचीदगियों के कारण दाने-दाने को मोहताज होने की कगार पर है।

कुदरत मेहरबान, पर सिस्टम परेशान
धर्मो देवी के बेटे बिशन सिंह ने बताया कि माँ की उम्र 114 साल है। इस उम्र में दोबारा दांत आना हर किसी को हैरान कर रहा है। लेकिन विडंबना देखिए, जिस उम्र में उन्हें सबसे अधिक सरकारी सहायता की दरकार है, उसी उम्र में सिस्टम ने उनसे मुंह मोड़ लिया है। अधिक उम्र होने के कारण धर्मो देवी के हाथों की रेखाएं (फिंगरप्रिंट) मिट चुकी हैं।
बायोमेट्रिक की मार: राशन और बीमा सब बंद
फिंगरप्रिंट मैच न होने के कारण धर्मो देवी को मिलने वाला सरकारी राशन बंद हो गया है। इतना ही नहीं, तकनीकी खामियों के चलते उनका 10 लाख रुपये वाला स्वास्थ्य बीमा कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। बिशन सिंह का कहना है कि बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा न लगने के कारण उनकी माँ सरकारी सुविधाओं के लिए सेवा केंद्रों के चक्कर काट-काटकर थक चुकी हैं।
”सरकार कहती है कि सुविधाएं सबके लिए हैं, फिर मेरा हक क्यों रोका जा रहा है?”
— भावुक होते हुए धर्मो देवी ने पूछा

प्रशासन से समाधान की गुहार
स्थानीय निवासियों और परिवार का कहना है कि बुजुर्ग समाज की धरोहर होते हैं। अगर उम्र के कारण किसी के फिंगरप्रिंट काम नहीं कर रहे, तो प्रशासन को ‘आइरिस स्कैन’ (आंखों की पुतली) या अन्य वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना चाहिए। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस 114 वर्षीय ‘धरोहर’ की सुध लेगा या तकनीकी खामियों का हवाला देकर उन्हें यूं ही भटकने के लिए छोड़ दिया जाएगा?








