पंजाब: 5वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम को लेकर नई गाइडलाइंस जारी, 30 मार्च को आएगा रिजल्ट

चंडीगढ़ : पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए पांचवीं कक्षा के वार्षिक मूल्यांकन और परिणामों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा किए गए नए बदलावों के तहत अब ई-पंजाब पोर्टल पर अंकों को अपलोड करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 मार्च 2026 कर दी गई है।
30 मार्च को होगी PTM और नतीजों की घोषणा
शिक्षा विभाग के अनुसार, 31 मार्च को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण इस बार परिणाम एक दिन पहले घोषित किए जाएंगे। स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर पर पांचवीं कक्षा का रिजल्ट 30 मार्च 2026 को जारी होगा। इसी दिन प्रदेश भर के स्कूलों में ‘अभिभावक-अध्यापक बैठक’ (PTM) आयोजित की जाएगी, जिसमें विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट उनके माता-पिता के साथ साझा की जाएगी।

डिजिटल और द्विभाषी रिपोर्ट कार्ड
विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
- सरकारी स्कूल: विद्यार्थियों को दो भाषाओं (Bi-lingual) में तैयार रिपोर्ट कार्ड दिए जाएंगे।
- निजी स्कूल: इन स्कूलों के छात्रों को ऑनलाइन डिजिटल रिजल्ट कार्ड जारी किए जाएंगे।
- सम्मान: बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
‘अनुपस्थित’ और ‘हेल्ड’ श्रेणी के लिए नियम
नये निर्देशों के अनुसार, अनुपस्थिति की परिभाषा स्पष्ट की गई है:
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- अनुपस्थित (Absent): केवल उन विद्यार्थियों को अनुपस्थित माना जाएगा जो सभी विषयों की परीक्षा में गैर-हाजिर रहे हों।
- हेल्ड (Held): यदि कोई विद्यार्थी कम से कम एक विषय की परीक्षा में भी शामिल हुआ है, तो उसे ‘हेल्ड’ श्रेणी में रखा जाएगा।
विशेष अवसर: ‘हेल्ड’ और ‘अनुपस्थित’ रहने वाले विद्यार्थियों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है; विभाग उन्हें मई 2026 में दोबारा परीक्षा देने का मौका प्रदान करेगा।

डाटा अपलोडिंग में सावधानी की सख्त हिदायत
विभाग ने स्कूल प्रशासन को चेतावनी दी है कि ई-पंजाब पोर्टल पर डाटा ‘अप्रूव’ करने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें। एक बार डाटा अप्रूव होने के बाद उसमें कोई बदलाव संभव नहीं होगा।
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- जिम्मेदारी: यदि 20 मार्च के बाद डाटा में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रमुख और ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (BPEO) की होगी।
- कंसोलिडेशन: ब्लॉक स्तर पर परिणाम तैयार होने के बाद, जिला स्तर पर सरकारी और निजी स्कूलों का डेटा अलग-अलग संकलित (Consolidate) किया जाएगा।








