पठानकोट में 75mg से अधिक की प्रेगाबालिन दवा की बिक्री पर प्रतिबंध: जिला मजिस्ट्रेट

पठानकोट: जिला मजिस्ट्रेट पठानकोट, डॉ. पल्लवी (IAS) ने जिले में नशे के रूप में इस्तेमाल हो रही दवाओं पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रेगाबालिन (Pregabalin) फॉर्मूले वाली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसकी खुली बिक्री और भंडारण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

मुख्य पाबंदियां और निर्देश:
- 75mg से अधिक पर रोक: मार्केट में प्रेगाबालिन के 150mg और 300mg के कैप्सूल/टैबलेट की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य: 75mg तक की दवा भी केवल अधिकृत डॉक्टर की असली पर्ची (Original Prescription) दिखाने पर ही बेची जा सकेगी।
- रिकॉर्ड बनाए रखना: थोक विक्रेताओं, रिटेलर्स, केमिस्टों और अस्पतालों के अंदर चल रही फार्मेसियों को इस दवा की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।
- मात्रा की जांच: विक्रेता यह सुनिश्चित करेंगे कि दवा की संख्या डॉक्टर द्वारा लिखी गई मात्रा से अधिक न हो।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि संज्ञान में आया है कि प्रेगाबालिन के 150mg और 300mg फॉर्मूले का इस्तेमाल लोग नशे के तौर पर कर रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों, जैसे कि न्यूरोलॉजिस्ट और ऑर्थोपेडिशियन, द्वारा आमतौर पर केवल 75mg तक की ही सिफारिश की जाती है। उच्च क्षमता वाली इन दवाओं की अनावश्यक बिक्री समाज में नशे की लत को बढ़ावा दे रही है।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी:
ये आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए गए हैं। यह प्रतिबंध 8 मार्च 2026 से 7 मई 2026 तक लागू रहेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








