नशे के सौदागर को एक साल की जेल: नूरपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिली सफलता

नूरपुर/इंदौरा: पुलिस जिला नूरपुर की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और अदालत में मजबूत पैरवी के चलते चिट्टा तस्करी के एक पुराने मामले में सफलता मिली है। माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC), इंदौरा की अदालत ने वीरवार को नशा तस्करी के दोषी को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
क्या था मामला?
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2016 में थाना इंदौरा के तहत संजीव कुमार उर्फ प्रिंस, निवासी वार्ड नंबर 3, डमटाल को 3.90 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश के बाद अदालत में पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर आज अदालत ने यह फैसला सुनाया।

आदतन अपराधी है दोषी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोषी संजीव कुमार एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ डमटाल और इंदौरा क्षेत्र के विभिन्न थानों में चोरी, मारपीट, अवैध शराब और नशा तस्करी (NDPS Act) के कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि इस सजा से क्षेत्र के अन्य नशा तस्करों में कड़ा संदेश जाएगा।
एसपी नूरपुर की अपील
नूरपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने जनता को भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।

- दोषी: संजीव कुमार उर्फ प्रिंस (निवासी डमटाल)।
- सजा: 1 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000/- जुर्माना।
- अपराध: 2016 में 3.90 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तारी।
- रिकॉर्ड: दोषी पर पहले से ही 13 एफआईआर (FIR) दर्ज हैं।








